बिहार और झारखंड को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर साहेबगंज से मजिहारी के बीच चार लेन के गंगा पुल के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद इसका शिलान्यास करने के लिए खुद पीएम मोदी साहेबगंज पहुंचे हैं. गौरतलब है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी 22 किलोमीटर लंबी राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी थी.
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इस पुल के निर्माण पर लगभग दो हजार करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास समेत सभी खर्च शामिल है. पुल समेत रोड की कुल लंबाई 22 किमी होगी. यह सड़क साहिबगंज बायपास के मजिहारी बायपास के बीच बनेगी. राष्ट्रीय राजमार्ग हाब्रिड मोड़ के तहत इसका निर्माण करेगा. इस पुल को चार साल में तैयार कर दिया जायेगा. नये लिंक रोड का 16 किमी हिस्सा झारखंड में होगा. जो साहिबगंज से शुरू होगा. इसके अलावा छह किलोमीटर का एक अन्य खंड नरेनपुर के पास से शुरू होगा, जहां मजिहारी बायपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग 133वीं और 131ए मिलते है.
इसमें चार किलोमीटर पुल भी शामिल है. इस पुल के निर्माण से राष्ट्रीय राजमार्ग 131ए और राष्ट्रीय राजमार्ग 133बी भी जुड़ेगा. मौजूदा समय में झारखंड और बिहार को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर कोई पुल नहीं है. यही नही इस पुल से उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत के बीच की दूरी 200 किमी कम हो जाएगी. गौरतलब है कि पिछले साल झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से मुलाकत के दौरान साहेबगंज-मजिहारी पर पुल निर्माण करने की मांग रखी थी. साहेबगंज में पहले ही जलमार्ग विकास योजना के तहत समदा में पोर्ट के निर्माण किया जा रहा है. इस पुल के निर्माण से बिहार और झारखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होने के साथ यात्रा के लिए समय और पैसे की बचत होगी.

साहेबगंज-मनिहारी के बीच पुल की कुछ विशेषताएं
1.21 सौ करोड़ रूपये होगा कुल खर्चा.
2. 22 किलोमीटर लंबी होगी पुल व एनएच की लंबाई.
3. 3 साल में बनाने का समय निर्धारित किया गया है.
4. 16 किलोमीटर हिस्सा झारखंड में होगा.
5. 06 किलोमीटर का हिस्सा होगा बिहार में होगा.
