नवगछिया : ट्रक मालिकों के हड़ताल का परिणाम जो भी आये, लेकिन इस हड़ताल का सबसे बड़ा खामियाजा ट्रक चालकों को भुगतना पड़ रहा है. वीरपुर के अरविंद कुमार एक खाली डब्बा लिए बेतहाशा सड़क पर भागे जा रहे हैं, किसी के कुछ पूछने पर भी वे कुछ नहीं बोल रहे हैं, बस बेतहाशा भागे जा रहे हैं. उनसे पूछा गया तो उनका कहना था कि बाद में बात करेंगे फिलहाल पानी के जुगाड़ में जा रहे हैं, यह कह कर वे और तेज गति से दौड़ने लगे. उनके खलासी ने बात स्पष्ट किया कि अरविंद शौच के लिये पानी लेने जा रहे हैं,
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुबह का लाया पानी समाप्त हो गया था और उनका पेट खराब हो गया है. अब पानी का जुगाड़ कर लेंगे तभी न वे शौच जा पाएंगे. और चापानल यहाँ से दो किलोमीटर दूर है. अरविंद अपने ट्रक के साथ गरैया गांव के पास पिछले पांच दिनों से फंसे हैं. औरंगाबाद के चालक राजेश यादव खगड़िया से ट्रक अनलोड कर के आ रहे हैं. उन्हें अब मुंगेर में माल लोड करने जा है. उनके पास महज दो हजार रुपये ही बचे थे.

पांच दिनों में यह समाप्त होने के कगार पर है. पैसे का जुगाड़ नहीं हो रहा. औरंगाबाद के मालिक से संपर्क किया तो उन्होंने ट्रांसपोर्टर से बात किया लेकिन मुंगेर का ट्रांसपोर्टर हड़ताल की स्थिति में पैसे देने को तैयार नहीं है. सोमवार से वे लोग कैसे यहां रहेंगे, क्या खाएंगे कुछ समझ नहीं आ रहा है. भीषण ठंड में गर्म कपड़े नहीं रहने के कारण समस्तीपुर के चालक आलोक बाबू राव की स्थिति खराब है,
उनका खलासी भी भाग गया है. साथी ट्रक चालकों की मदद से उनके खाने का जुगाड़ तो हो जा रहा है लेकिन दवा वे नहीं ले पा रहे हैं. साथी ट्रक चालकों ने उसे नवगछिया में किसी चिकित्सक के यहां दिखाकर दवा दिलवाने का निर्णय लिया है. हर एक ट्रक चालक परेशानी में जी रहे हैं. कई चालक ऐसे हैं जो एक टाइम खाना खा कर जी रहे हैं. खासकर पानी के लिए अधिकांश चालक जद्दोजहद कर रहे हैं.
