भागलपुर, नवगछिया और नारायणपुर में एक लाख किसान, डीजल अनुदान के लिए आवेदन मात्र 500

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जिले में एक लाख से अधिक किसान हैं. उन्हें प्रदेश सरकार से सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए डीजल अनुदान का लाभ देना है, ताकि खेती को सुदृढ़ और किसानों की आय दोगुनी हो सके. दो सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी जागरूकता के अभाव में 500 किसानों ने ही आवेदन जमा किया है.

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ग्रामीण प्रसार कार्यकर्ता के भरोसे चल रहे हैं 11 प्रखंड : 11 प्रखंडों में प्रखंड कृषि पदाधिकारी नियुक्त नहीं है. यहां ग्रामीण प्रसार कार्यकर्ता ही प्रभार में हैं. नवगछिया, पीरपैंती, कहलगांव, नारायणपुर और सन्हौला में ही प्रखंड कृषि पदाधिकारी पदस्थापित हैं. सन्हौला, पीरपैंती व कहलगांव धान उत्पादक क्षेत्र हैं. अधिकतर धान उत्पादक क्षेत्र जैसे जगदीशपुर, नाथनगर, सबौर, गोराडीह, शाहकुंड, सुलतानगंज आदि में प्रखंड कृषि पदाधिकारी नहीं हैं.

जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक प्रतिनियुक्ति नहीं हुई है. आठ किसानों का लौटा आवेदन: जागरूकता के अभाव में डीजल अनुदान के लिए आवेदन देने का काम धीमा चल रहा है. अधिकतर अशिक्षित किसान जागरूकता के अभाव में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. आठ किसानों ने बिना आधार लिंक का खाता नंबर जमा कर दिया. इससे उनका आवेदन लौट कर आ गया. बिना आधार लिंक के उनके खाते में डीजल का अनुदान मिलना मुश्किल है.

बिना रजिस्ट्रेशन नहीं दे सकते आवेदन : किसानों को आवेदन से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा. कृषि विभाग में जमीन का ब्योरा, आधार लिंक का पासबुक नंबर, आधार कार्ड, आधार लिंक मोबाइल नंबर देना होगा. इसके बाद ही किसान किसी भी योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. अधिकतर किसानों को इसकी जानकारी नहीं है और उन्हें भटकना पड़ रहा है, इसमें बटाईदार के रजिस्ट्रेशन की भी वही प्रक्रिया होगी.

बटाईदार के जमीन का स्पॉट वेरिफिकेशन कृषि समन्वयक करेंगे. किसान और बटाईदार के खेत की जानकारी किसान सलाहकार व कृषि समन्वयक से मिलेगी. आवेदन कृषि समन्वयक के पास 10 दिनों तक रहेगा. कृषि समन्वयक आवेदन आगे नहीं भेजेगा, तो स्वत: जिला कृषि पदाधिकारी के पास अग्रेसित हो जायेगा. सात दिन में जांच करके प्रदेश मुख्यालय भेज दिया जायेगा. यदि यहां भी देरी हुई, तो खुद अग्रेसित हो जायेगा और 25 दिनों में डीजल अनुदान मिल जायेगा.

25 दिनों में मिलना था लाभ, 20 दिन बीते

खरीफ फसल अंतर्गत धान के अलावा दलहनी, तेलहनी, मौसमी सब्जी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे की सिंचाई के लिए भी अनुदान दिया जायेगा. किसानों को आवेदन करने के 25 दिन में उनके खाते में अनुदान का लाभ मिल जायेगा. 20 दिन बीतने के बाद भी बहुत कम आवेदन आये हैं, इससे किसानों को आर्थिक लाभ समय पर नहीं मिल रहा है

बिचड़ा के लिए दो और रोपा के लिए तीन पटवन का मिलेगा अनुदान

यह अनुदान धान का बिचड़ा के लिए 800 रुपये प्रति एकड़, तो धान के रोपा के लिए अधिकतम 1200 रुपये प्रति एकड़ मिलेगा. बिचड़ा में 800 रुपये से दो पटवन कर सकेंगे, तो रोपा के लिए 1200 रुपये से तीन पटवन कर सकेंगे. जिला कृषि विभाग के अनुसार खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल पर 40 रुपये प्रति लीटर की दर से 400 रुपये प्रति एकड़ डीजल अनुदान दिया जायेगा.