भागलपुर; अभी अभी भागलपुर मेडिकल कॉलेज से निकलकर एक बडी खबर आ रही है, जैसा कि सबो को पता है कि कोर्ट ने जबरन रैगिंग पर रोक लगा दी है, क्योंकि छात्र अपनेबाप को इसमे जलील पाते हैं ओर आत्महया तक कर लेते हैं, खुद जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर में ऐसा हो चुका है, इसको लेके कईबार मारपीट हत्या तक हो चुकी है बावजूद ये रुकने का नाम नही ले रही. आज अभी एक सच सबो के सामने कुछ देर पहले आया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आज भागलपुर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक बड़ा ख़ुलासा सामने आया हैं, 2017-22 के एमबीबीएस स्टूडेंट्स के रैगिंग की जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी है,कॉलेज के फॉर्माक्लोजी विभाग के हॉल में जांच कमेटी ने करीब 3 घंटे तक सभी छात्र-छात्राओं से एक-एक कर बारी बारी से पूछताछ की.

जिसमें छात्रों ने लिखित तौर पर टीम को बताया है कि उनके साथ नंगाकर मारपीट की गई थी और बाथरूम से लेकर हॉस्टल तक की सफाई कराई गई थी. विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी. यहां तक कि एक ही पॉश्चर में घंटों रहने को भी कहा जाता था, नहीं करने पर पिटाई की जाती थी. छात्रों ने लिखित में अपना बयान दर्ज कराया है. अब दूसरी पाली में सीनियर बैच के छात्रों से पूछताछ की जाएगी, और शुक्रवार को कॉलेज प्रबंधन को जांच टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी. जांच टीम म मुख्य रूप से डॉ. हेमंत सिन्हा, डॉ. अशोक कुमार भगत, डॉ. संदीप लाल समेत अन्य मौजूद रहे.

