नेपाल में हुई अत्यधिक बारिश के कारण बिहार की नदियों में उफान आ गया है. सीमांचल में बाढ़ ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. बिहार में भी बारिश जारी है ऐसे में नदियों में बढ़ रहे जलस्तर ने बिहार वासियों को फिर से साल 2008 की यादें ताजा करवा रही है. सीमांचल बाढ़ की जद में आ चुका है. कई नदियां उफान पर है बाढ़ के हालात बिगड़ते ही चले जा रहे हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोनकर बात की है. केन्द्र सरकार से की है मदद की मांग की है जिसके बाद इस विकट परस्थिति में लोगों को निकालने के लिए सेना दानापुर से रवाना हो गई है. सीएम नीतीश कुमार लगातार सीमांचल में उत्पन्न स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं.

सुबह सीएम ने इस मामले में आला अधिकारियों के साथ एक इमरजेंसी बैठक की. जिसके बाद पीएम, गृहमंत्री तथा रक्षा मंत्री से फोन कर सहायता की मांग की है. पिछले चौबीस घंटे से सीमांचल में बारिश हो रही है जिसके कारण पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
सीएम ने सीमांचल के इलाकों में बाढ़ को लेकर स्थिति की जानकारी देते हुए NDRF की 10 अतिरिक्त टीम केंद्र से मांग की है ताकि इस परस्थिति में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाया जासके और उन्हें उंचे स्थानों तक पहुँचाया जा सके. लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकालने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर को भी बिहार भेजने का अनुरोध किया है. एनडीआरएफ की 10 कंपनी मांग की गई है. लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकालने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर को भी बिहार भेजने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. 3:30 बजे तक 4 टीम भुनेश्वर से आ रही है जिसे पूर्णिया भेज जा रहा है. किशनगंज में 60 राहत शिविर चल रहा है उनमे भी पानी आ गया है. बाढ़ के हालात पर सीएम नीतीश कुमार मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव तथा क्षेत्रीय अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं. बाढ़ को लेकर NDRF ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. आपदा के संबंध में 9711077372 पर जानकारी दिया जिया सकता है
