पटना : राज्य सरकार प्रदेश के मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापको के रिक्त पड़े 24 हजार पदों को जल्द ही भरने वाली है। शिक्षा मंत्री ने इन विद्यालयों में नियुक्ति के लिए प्राथमिक शिक्षक सेवाशर्त नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। राज्य मे पहले से काम करने वाले शिक्षक, जो इस पद की योग्यता रखते हैं, उन्हें इसमें मौका दिया जाएगा। नियमावली में संशोधन के लिए विभाग को 30 जून तक का समय दिया गया है। प्रधानाध्यापक के 24 हजार पद खाली
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज्य के मध्य विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक के 30 हजार पद स्वीकृत हैं। इनमे से वर्तमान मे 24 हजार पद खाली हैं। दरअसल, मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद के लिए योग्यता स्नातकोत्तर एवं स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में चार साल की सेवा है। 2013 के पूर्व एक बार एक नियम को शिथिल कर प्रोन्नति के जरिए इन पदों को भरा गया। बावजूद इसके, 24 हजार पद रिक्त रह गए।

मंत्री ने समस्या को देखते हुए गुरुवार को निर्देश दिया कि पूर्व की नियमावली मे बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौपा जाए, ताकि मध्य विद्यालयों मे प्रधानाध्यापकों का पदस्थापन हो सके। विभाग को नियमावली में संशोधन के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है।
