भागलपुर के काजवलीचक धमाके में नामजद अभियुक्त मो. आजाद परिवार के ज्यादातर सदस्यों के साथ फरार हो गया है। एसएसपी बाबू राम ने एसआईटी का गठन किया है जिसने छापेमारी शुरू कर दी है। गुरुवार की रात घटना होने और उसमें आजाद की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस की टीम ने हबीबपुर के मुअज्जमचक में उसके घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आजाद के घर पर उसका एक छोटा और एक बड़ा भाई ही मौजूद था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आजाद और उसके चार भाइयों का पूरा परिवार घर छोड़कर कहीं जा चुका है। शनिवार को बातचीत के दौरान आजाद के बड़े भाई मुख्तार और छोटे भाई शहजाद ने बताया कि पुलिस की दबिश की वजह से परिवार के सदस्यों को बाहर भेज दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि आजाद का परिवार अपने एक रिश्तेदार के यहां शादी में गया है। एसएसपी ने बताया कि डीएसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में एसडीपीओ लॉ एंड ऑर्डर गौरव कुमार के अलावा मोजाहिदपुर, हबीबपुर सबौर, जोगसर थानाध्यक्ष, एसआई सुनील कुमार झा और अन्य पदाधिकारी और जवान शामिल हैं।
दोनों भाइयों से 10 घंटे तक पूछताछ
आजाद के दोनों भाइयों ने बताया कि घर में कुछ नहीं मिलने पर पुलिस उन दोनों को हबीबपुर थाना ले गई और वहां पर लगभग 10 घंटे तक रखा और पूछताछ की। मुख्तार ने बताया कि वह भी ग्रील बनाने का काम करता है पर आजाद से अलग होकर अपना काम करता है। सबसे बड़ा भाई महताब अपने पिता की जगह पर अनुकंपा पर सरकारी नौकरी कर रहा है। आजाद और आफताब भी ग्रील बनाने का ही काम करता है। सबसे छोटा भाई शहजाद फेरी का काम करता है।

परिजनों ने कहा आजाद ने इंस्पेक्टर से बात की, इंस्पेक्टर ने कहा कोई बात नहीं हुई
मो. आजाद गुरुवार की रात हुए धमाके के बाद कुछ मिनट के लिए काजवलीचक में देखा गया था पर उसके बाद से वह फरार है। उसके भाई मुख्तार का कहना है कि घटना के बाद आजाद ने हबीबपुर इंस्पेक्टर से फोन पर बात की थी। वह बताना चाहता था कि इस घटना में उसकी भूमिका नहीं है। इस बारे में जब हबीबपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर कृपा सागर से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि आजाद से उनकी कोई बात नहीं हुई। उन्होंने बताया कि आजाद के भाइयों से उन्होंने कहा है कि वे आजाद को बुलाएं ताकि पुलिस उससे पूछताछ कर सके।
