डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे सोमवार रात 9.30 बजे अचानक भागलपुर पहुंच गए। डीजीपी ने पुलिस ऑफिस में मातहत अधिकारियों के साथ काली पूजा को लेकर बैठक की और विसर्जन को लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि बिहार में साल भर के भीतर जितने भी पर्व-त्योहार होली, दीपावली, दशहरा, ईद, मुहर्रम हुए है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वे अबतक ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं। दशहरा में असामाजिक तत्वों ने कुछ गड़बड़ी करने की कोशिश की थी, जिसे तुरंत संभाल लिया गया। काली पूजा का विसर्जन बचा है, जिसकी समीक्षा करने भागलपुर आए हैं। काली प्रतिमा के विसर्जन को लेकर रणनीति बनाई गई है। यहां डीआईजी, एसएसपी व अन्य अधिकारियों से तैयारियों के बारे में जानकारी ली गई है।

बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को बांका गए
मैंने अधिकारियों को कहा है कि आम जनता के साथ पुलिस का अच्छा और सद्भावपूर्ण व्यवहार हो। जनता अपराधियों को दौड़ाए। किसी भी आम आदमी के साथ पुलिस दुर्व्यवहार करें, यह मैं कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा। जुआ, लॉटरी, गेसिंग, बालू, जमीन आदि अवैध कार्य में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। शराब, ड्रग, अफीम के धंधे में सहयोग करने वाले और अवैध वसूली में संलिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है।
हर हाल में सांप्रदायिक सद्भाव बना रहना चाहिए। बांका में बालू माफियाओं के खिलाफ पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि वे बांका जा रहे हैं। डीजीपी की समीक्षा बैठक में डीआईजी विकास वैभव, एसएसपी आशीष भारती, सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह, ट्रैफिक डीएसपी आरके झा समेत सभी शहरी थानों के इंस्पेक्टर थानेदार मौजूद थे।
