नवगछिया : भागलपुर से लेकर कटिहार के कुर्सेला तक 55 किमी में फिर 17 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। विक्रमशिला सेतु समेत एनएच-31 पर यहां-वहां गाडिय़ों की कई कतारें लगी रहीं। जाम की यह समस्या पिछले तीन दिनों से बनी हुई है। आलम था कि तिलकामांझी से सेतु पहुंचने में दस घंटे लग रहे थे। शुक्रवार से लेकर सोमवार तक जाम लगने का सिलसिला जारी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुक्रवार रात आठ बजे ही कुर्सेला से परबत्ता विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ तक वाहनों की तीन-चार लाइनें लगी थी। इस कारण नवगछिया की ओर वाहन नहीं बढ़ रहे थे। लिहाजा,विक्रमशिला सेतु पर रात 11 बजे जाम लग गया। इसी बीच रात एक बजे सेतु पर एक ट्रैक्टर के टे्रलर का पहिया खुल गया। इससे सेतु पर जाम और भीषण हो गया। सेतु पर गाडिय़ों की चार लाइनें बन गई थी। इसका असर भागलपुर शहर पर भी पड़ा। शहर में भी जाम लग गया।

सुबह दस बजे ट्रैक्टर की मरम्मत कराई गई। इसके बाद वन-वे ट्रैफिक कर नवगछिया और भागलपुर की ओर से वाहनों का परिचालन शुरू हुआ। शुक्रवार रात 12 बजे से शहर में खड़े वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया। शनिवार दोपहर एक बजे तक शहर से सभी भारी वाहनों को निकाल दिया गया।
हालांकि विक्रमशिला सेतु पर जाम में एंबुलेंस भी दो घंटे फंसी रही। पूर्णिया, कटिहार से भागलपुर आने में दो घंटे के बजाय नौ घंटे लगे। कई लोग सेतु पर ही बस, ऑटो से उतरकर तीन-चार किलोमीटर पैदल भागलपुर जीरोमाइल पहुंचे। जाम के कारण पूर्णिया, खगडिय़ा, बेगूसराय समेत कई जगहों की बसें अपने निर्धारित समय से दो-तीन घंटे विलंब से खुली। रविवार और सोमवार को भी जाम का असर देखा जा रहा है। सोमवार को विक्रमशिला पुल पर काफी परेशानी हो रही है। वाहन जाम में फंसे हैं। ट्रेकों की लंबी कतार बायपास मार्ग पर लगी हुई है।
मैट्रिक के परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में हुई काफी परेशानी
नवगछिया में विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ और एनएच-31 जाम होने से वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। इस कारण 14 नंबरों सड़कों पर भी जाम लग गया। इसके चलते खासकर मैट्रिक के परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई
