कोसी दियारा के कुख्यात शबनम यादव, प्रभाष यादव, मुन्ना मंडल की गिरफ्तारी को लेकर तीन थानों की पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में पुलिस को कोई सफलता हाथ लगी। पर खबर है कि पुलिस ने एक व्यक्ति को उठाया है, हालांकि पुलिस इसका खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन उठाए गए व्यक्ति से पुलिस पूछताछ कर रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपराधियों के गुप्त ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की, पर पुलिस के पहुंचते ही अपराधी भाग गए। पुलिस की इस कार्रवाई और लगातार छापेमारी से किसानों में खुशी है, वे राहत भी महसुस कर रहे हैं, लेकिन अपराधियों के पकड़े नहीं जाने से उनका डर भी उन्हें सता रहा है। ऑपरेशन के दौरान दियारा में जो भी किसान पुलिस को मिलें, पुलिस ने सभी किसानों को बेफिक्र होकर खेती करने को कहा। एसपी निधि रानी के निर्देश पर गुरुवार को झंडापुर व नदी थाने के पुलिस कोसी दियारा के गड़ैया, बुढ़ना, बिचली, मिरमाचक, आहुती बहियार की खाक छानी। इस ऑपरेशन में झंडापुर ओपी प्रभारी पंकज कुमार, नदी थानाध्यक्ष बबलू कुमार समेत पुलिस बल मौजूद थे। ओपी प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव तक दियारा में छापेमारी जारी रहेगी।

छापेमारी के दौरान किसानों को खेती करने के लिए पुलिस ने बढ़ाया हौसला
बिहपुर कोसी दियारा में सर्च आॅपरेशन करने को जाती पुलिस।
हत्या, लूट, रंगदारी के कई मामलों के आरोपी हंै कुख्यात
सभी कुख्यात हत्या, लूट, रंगदारी के कई मामलों के आरोपी हैं, इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं। ये सभी वारदात को अंजाम देने के बाद दियारा में छिप जाते हैं और इन तक पुलिस का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कारण कोसी नदी होने के कारण पुलिस जैसे ही नदी पार होती है, अपराधी बहियार से भाग कर मधेपुरा जिले में शरण ले लेते हैं। अपराधी दियारा में घोड़े से पुलिस के आने से पहले कोसों दूर निकल जाते हैं। अपराधी के घोड़े किसानों की फसलों बे-रोक टोक खाते रहते हैं।
