72 घंटे और इंतजार कीजिए। इसके बाद विक्रमशिला सेतु पर गाड़ियां दौड़ने लगेंगी। सेतु का मरम्मत कार्य अंतिम चरण में है। पाया संख्या दो, तीन और चार की बॉल बियि¨रग बदलने, दो और तीन नंबर पाया के एक्सपेंशन ज्वाइंट का माइक्रो कंक्रीट (ढलाई) हो चुका है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्बन फाइबर लगाने का काम भी मंगलवार तक पूरा हो जाएगा। पुल निर्माण निगम के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को माइक्रो कंक्रीट के नमूने की सबौर इंजीनिय¨रग कॉलेज लैब में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के परिचालन पर विचार किया जाएगा। 17 अक्टूबर से वाहनों के परिचालन शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि नवगछिया की ओर ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण सेतु की 70 लाइटें बंद हैं। विद्युत विभाग द्वारा अप्रैल से अब तक का तकरीबन पांच लाख रुपये का बिल विभाग को भेजा गया है। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से पहले ट्रांसफार्मर की मरम्मत करा सेतु के बंद पड़े 70 लाइटों को चालू करने तथा मीटर रीडिंग के आधार पर बिल निर्गत करने के लिए कहा गया है।

मीटर रीडिंग के आधार पर निर्गत बिल का भुगतान किया जाएगा। मुख्यालय से बिल संबंधी राशि पुल निर्माण निगम को आवंटित कर दी गई है। बताते चलें कि मरम्मत कार्य के कारण 28 सितंबर से विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बंद है। पिछले 16 दिनों से मरीजों के साथ आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
