बेटे के बयान पर मामला दर्ज, चाचा चाची व भाई को किया नामजद
आरोपियों को भेजा गया जेल मकान पर कब्जा के लिए की हत्या

नवगछिया : गुरुवार को नवगछिया प्रखंड के उजानी पंचायत में अंधे दंपति की हत्या उसी के घर में क्रिकेट के बल्ले और धारदार हथियार से मारकर हत्या करने के मामले में मृतक मोहम्मद दुखन के 19 वर्षीय पुत्र मोहम्मद आसिफ के लिखित बयान पर उसके चाचा मोहम्मद मकसूद, चाची अंगूरी खातून और चचेरा भाई मोहम्मद फैयाज को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज करवाया है. अपने आवेदन में मोहम्मद आसिफ ने कहा कि वह अर्जुन पंडित गैरेज में मजदूरी का काम करता है, काम कर खाने के लिए घर वापस आने के क्रम में दोपहर करीब 3:30बजे जैसे ही अपने घर पहुंचा उसके चाचा चाची और चचेरा भाई हाथ में बल्ला लिए तेजी से घर से बाहर निकल रहा था. जिससे पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया. घर के अंदर जाने पर देखा कि बरामदे पर खून से लतपत उसके पिता मोहम्मद दुखन पड़े हुए थे, वहीं दूसरे दरवाजे पर उसकी अम्मी अंजुम खातून भी खून से लतपत जमीन पर गिरी हुई थी. जब उसने अपनी अम्मी की सांस देखी तो बंद पाया वही उसके पिता की कराहने की आवाज सुन वह जोर जोर से हल्ला करने लगा. जिस पर आस पड़ोस के लोगों द्वारा उसके पिता को उठाकर किसी तरह अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उसकी भी मौत हो गई. घर में मारपीट के दौरान उसके दो छोटे भाई मोहम्मद इशाक मोहम्मद रिहान दोनों घर में ही एक कोने में छुप गए. जिसे बाद में बाहर निकाला गया. दोनों भाइयों ने बताया कि करीब 3:30 बजे चाचा और चाची आकर अम्मी अब्बू से झगड़ा करने लगे, तभी चचेरा भाई फैयाज अपने हाथ में लकड़ी का बेट लिए आया और आते ही दोनों अम्मी और अब्बू को सिर पर मारने लगा. यह देख हम दोनों डर के मारे रूम के कोने में छिप गए थे. ग्रामीण लोग आने के बाद अब्बू को अस्पताल ले जाया गया. इसके अलावा उसके बेटे ने बताया कि घर की जमीन का बंटवारा को लेकर वह तीनों सोच समझकर घटना को अंजाम दिया है. इससे पहले भी छोटा भाई को गायब कर चुका है. जिसकी सूचना नवगछिया थाना को भी दी गई थी. मगर अब तक उसका कोई अता पता नहीं चल पाया है. जिसको लेकर नवगछिया थाना में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
सिनेमा हॉल में काम करता है मृतक का भाई
मृतक दुखन का बड़ा भाई मोहम्मद मकसूद नवगछिया के सिनेमा हॉल में काम करता है. नवगछिया थाना में मोहम्मद मकसूद ने कहा कि वह घटना के समय हॉल में था. घटना उसके बेटे ने की है. वहीं मोहम्मद मकसूद ने बताया कि जब बंटवारा हुआ था, तो सभी को बराबर हिस्सा मिल चुका था. तो फिर मैं अपने भाई की हत्या क्यों करता.

