हवाई अड्डा में सबौर के पास करीब 350 एकड़ जमीन. रन-वे की मरम्मत दुर्गापूजा के बाद शुरू की जाएगी

भागलपुर / पटना

मौजूदा हवाई अड्डा में जमीन के अभाव में वहां से घरेलू विमान सेवा शुरू होने में आ रही दिक्कत को लेकर जिला प्रशासन ने दूसरी जगह पर जमीन की तलाश शुरू की। लेकिन अब तक कहीं नए हवाई अड्डा बनाने के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। इसके लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पास करीब 350 एकड़ जमीन ऐसी है, जिसके कागजात विवि के पास उपलब्ध नहीं है। वह भारत सरकार की जमीन है। वहां पर हवाई अड्डा बनाने को लेकर योजना बनाई जा रही है। लेकिन वहां भी एक अड़चन है। उस जमीन के बीच में करीब 15 कट्ठा की जमीन में कब्रिस्तान है और उसकी घेराबंदी की हुई है। ऐसी स्थिति में वहां हवाई अड्डा बनाना आसान नहीं है। हालांकि वहां की जमीन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए भू-अर्जन विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें मांगा गया है कि बिहार कृषि विवि की ओर से वहां कितनी जमीन अधिग्रहित की गई है। जबकि सबौर सीओ ने जमीन की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें बिहार सरकार की जमीन के दस्तावेज विवि प्रशासन के पास उपलब्ध है। लेकिन कागजात नहीं है। इसलिए वहां हवाई अड्डा बनाने की दिशा में पहल तेज की गई है। लेकिन अब कब्रिस्तान बीच में होने के कारण वहां भी परेशानी हो सकती है।

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सबौर छोड़ किसी अंचल में नहीं हुई जमीन की खोज

इसलिए अब अन्य अंचलों में विकल्प की तलाश की जा रही है। इसके लिए सदर अनुमंडल के सभी अंचलों के सीओ से 200 एकड़ जमीन का प्रस्ताव मांगा गया है। इसके लिए शाहकुंड, सुल्तानगंज, जगदीशपुर, नाथनगर, गोराडीह और सबौर सीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय की जमीन पर भी हवाई अड्डा को लेकर अंचल से जिला को रिपोर्ट भेजी गई थी। लेकिन अब उसमें भी अड़चन की बात सामने आ रही है। सबौर सीओ विक्रम भास्कर झा ने बताया कि वहां करीब 350 एकड़ जमीन है। लेकिन जमीन के बीच में ही कब्रिस्तान है और उसकी घेराबंदी होने के कारण उसे दूसरी जगह पर शिफ्ट भी नहीं किया जा सकेगा।

रन-वे की मरम्मत दुर्गापूजा के बाद शुरू की जाएगी

दरअसल, भागलपुर हवाई अड्डा के रन-वेन की लंबाई कम है। वहां पूरब और पश्चिम के क्षेत्र में जमीन भी नहीं है कि उसकी लंबाई बढ़ाई जा सके। यही कारण है कि यहां से घरेलू विमान सेवा शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद भी रन-वे की मरम्मत और सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए करीब दो करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना ली गई है। इसके लिए टेंडर भी निकाला जा चुका है। भवन निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रामाज्ञा कुमार ने बताया कि 15 दिनों के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद इस दिशा में आगे काम होगा। संभावना है कि दुर्गापूजा के बाद रन-वे की मरम्मत और वहां तक पहुंचनेवाले पथ की चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरू हो जाएगा