सावन खत्म होते ही मांसाहारी दुकानों में रौनक लौट आई। शुक्रवार को चिकन, मटन व मछली की दुकानों में खरीदारों की भीड़ लगी रही। भीखनपुर, तिलकामांझी, जीरो माइल, परबत्ती, सबौर आदि इलाकों में स्थित दुकानों पर सुबह ही खरीदारी के लिए लोग पहुंच गए थे। एक अनुमान के मुताबिक 19 लाख 50 हजार रुपये का चिकन व 12 लाख 50 हजार का मटन बिका। इसके अलावा दो लाख रुपये की मछलियां बिकी। अंडे की भी खूब खरीदारी हुई। सावन में पूरे माह लोग धार्मिक मान्यता को लेकर मांसाहार भोजन नहीं कर रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घंटाघर स्थित चिकेन वक्रिेता मसुदन साह ने बताया कि सावन में दुकानदारी भी प्रभावित हुई थी। गुरुवार को सावन खत्म होने के बाद ही शुक्रवार को पहले ही दिन उन्होंने 130 किलो खड़ा मुर्गा बेचा। सिंह चिकेन के ऑनर श्यामल सिंह ने बताया कि सावन खत्म होने का इंतजार शहर के लोग कर रहे थे। पहले दिन ही 15 हजार किलो से अधिक का मुर्गा बिका। लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में मुर्गा उपलब्ध कराया गया था। हॉलसेल में एक खड़ा मुर्गा 90 से 100 रुपये और खुदरा में 120 से 130 रुपये बिका।


उधर, मटन कारोबारी नासिर ने बताया कि एक-एक वक्रिेताओं शुक्रवार को 50 से 100 किलो मटन बेचा। यहां लगभग 25 सौ किलो मटन की बक्रिी हुई। एक किलो की कीमत पांच सौ से छह सौ रुपये थी। मछली खरीदने के लिए तिलकामांझी, मिनी मार्केट आदि जगहों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। दुकानदार अरूप मांझी ने बताया कि रोहू, कतला आदि मछली की खूब मांग रही। आंध्र की रेहू 150 से 180 रुपये किलो व लोकल मछली 200 से 250 रुपये किलो बेची गई।
एक माह तक किया परहेज : वक्रिमशिला कॉलोनी के कन्हैया, सरवर, अनिकेत व परबत्ती के लॉज में रह रहे महेश व राजू ने बताया कि सावन के कारण वे मांसाहारी भोजन से परहेज कर रहे थे। सुबह ही जाकर चिकन की खरीदारी की। उधर, रेस्टारेंट व फार्स्ट फुड में भी मांसाहारी भोजन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। अंडा वक्रिेता श्मशाद ने बताया कि अंडा की ब्रिकी भी खूब हुई।
