साबधान : भागलपुर में साइबर क्राइम के गिरफ्त में… सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए घटनाओं को अंजाम

भागलपुर / पटना

भागलपुर में क्राइम का ट्रेंड बदल रहा है। अपराधी अब सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग साइट के जरिए ठगी, ओएलएक्स के जरिए लूट और चोरी वारदात हो रही है। फेसबुक के जरिए महिला-लड़कियों से छेड़खानी व लज्जा भंग करने की कोशिश की जा रही है। व्हाट्सएप पर धमकी तक दी जा रही है। हाल में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है।

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इस साल के नौ माह में साइबर क्राइम से जुड़े करीब एक दर्जन केस जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज हुए हैं। बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए जिले में साइबर क्राइम एंड सोशल मीडिया (सीसीएसएमयू) की दो यूनिट बनने जा रही है। ये यूनिटें 24 घंटे काम करेगी और डीआईयू सेल से संचालित होगी। एटीएम फ्रॉड, सोशल मीडिया के आपत्तिजनक पोस्ट, साइबर क्राइम के अनुसंधान में सीसीएसएमयू जिला पुलिस की मदद करेगी। सोशल मीडिया में वायरल होेने वाले आपत्तिजनक पोस्ट, जिनसे सौहार्द बिगड़ने का खतरा हो सकता है, उसकी भी यूनिट मॉनीटरिंग करेगी। ये थानों में दर्ज होने वाले साइबर केसों के अनुसंधान में भी तकनीकी सहायता करेगी

ओएलएक्स से ठगी, लूट व चोरी की चार वारदातें हुईं, फेसबुक से छेड़खानी व लज्जा भंग करने की हुई घटना

जानें कैसे हुए अपराध बचने के क्या हैं उपाय

रिटायर डीईओ फूलबाबू चौधरी व उनकी बेटियां श्वेता और सोनम के खाते से साइबर ठगों ने 10 लाख 28 हजार 170 रुपए उड़ा लिये थे। बैंक मैनेजर बन कर ठगों ने रिटायर डीईओ को फोन किया था और एटीएम बंद होने का झांसा देकर उनसे जरूरी जानकारी लेकर सारे पैसे आईएनबी स्पाइस डिजिटल लिमिटेड के दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिये। इस मामले में पुलिस ने तीन ठगों को गिरफ्तार भी किया है। कैसे बचें : बैंक कभी किसी ग्राहक को फोन कर उनसे जानकारी नहीं मांगता है। इसलिए किसी को भी एकाउंट का नंबर, एटीएम की जानकारी, गोपनीय पिन व ओटीपी नहीं दे। हमेशा समय-समय पर अपना गोपनीय पिन नंबर अवश्य बदलें। अपने बैंक अकाउंट का एसएमएस अलर्ट करके रखें।

केस :1

कटिहार दुर्गा स्थान के दो भाइयों से नौ हजार की ठगी की गई थी

मोबाइल बेचने की सूचना ओएलएक्स पर डाल कर कटिहार दुर्गा स्थान के दो भाइयों से नौ हजार की ठगी की गई थी। दोनों भाई कोयला घाट मोहल्ले में लॉज में रह कर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते हैं। दोनों भाइयों ने ओएलएक्स पर वीवो कंपनी का एक मोबाइल बिक्री की सूचना देखी। उस पर दिये गए नंबर पर फोन किया तो बताया गया कि मोबाइल की कीमत नौ हजार रुपए रखी गई है।

मोबाइल बेचने वाला अपने आप को आर्मीमैन बताया और दोनों भाइयों को अपने जाल में फंसा कर उनसे नौ हजार रुपए पेटीएम के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया था और मोबाइल भी नहीं दिया था। कैसे बचे : ओएलएक्स पर डाली गई सूचना का सत्यापन जरूर कर लें, वह फर्जी भी हो सकता है। बिक्री के साथ दिये गए मोबाइल नंबर का दुरूपयोग हो सकता है, इसलिए नंबर देने से बचें। खरीदार अगर सुनसान स्थान पर बुलाते हैं तो इससे उनकी मंशा को भांप लें। सामान लेने से पहले कभी भी पहले पैसे ट्रांसफर न करें। संभव हो तो ओएलएक्स पर खरीद-बिक्री करने वाले का व्यक्ति की पूरी तस्दीक कर लें।

केस :2

लालूचक की रहने वाली एक युवती से की गई थी आपत्तिजनक कमेंट

लालूचक अंगारी मोहल्ले की रहने वाली एक शादीशुदा युवती के फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट किया गया। इसके बाद युवती जान देने पर उतारू हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के कर्मी को हिरासत में लिया था। युवती एसबीआई लाइफ का एजेंट बनने गई थी। तभी वहां के कर्मी से उसकी जान-पहचान हुई थी। युवती को अक्सर कर्मी फोन कर परेशान करता था। फेसबुक पर गंदा मैसेज करता था। इससे युवती डिप्रेशन में आ गई थी और उसने आत्महत्या की कोशिश भी की थी।

एजेंट बनने के लिए युवती ने जब अपना बॉयोडाटा दिया था, उसी से वहां के कर्मी ने फोन नंबर व अन्य जरूरी जानकारी चुरा लिया था। कैसे बचे : एक सर्वे में पता चला है कि महिला, लड़कियों को पुरुषों की तुलना 70 प्रतिशत अधिक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा जाता है। ऐसे में उन्हें अलर्ट रहने की जरूरत है। फेसबुक पर अपना व्यक्तिगत इंफॉरमेशन हमेशा प्राइवेट आप्शन में रखें, पब्लिक ऑप्शन में नहीं। फ्रेंड बनाते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि जो फ्रेंड बना रहे हैं, उसे आप व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। आईडी में अपना मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, आधार नंबर कभी न डालें। फ्रेंडस टू फ्रेंडस मैसेज करते समय ऑनली फ्रेंडस को ही मैसेज करें, आल को नहीं।

केस :3

लोगों को करेंगे जागरूक

साइबर क्राइम से बचने के लिए बैंकों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक करने की योजना है। इसके अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट के दुरूपयोग को रोकने के लिए महिला व लड़कियों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए साइबर क्राइम एंड सोशल मीडिया यूनिट का भी गठन किया जा रहा है। – आशीष भारती, एसएसपी