सहरसा. मधेपुरा जिले के महेसवा निवासी एक नाबालिग को उसके सगे जीजा अशोक ऋषिदेव ने बुधवार को खिरयाही के रेडलाइट एरिया में बेच दिया था। वह वहां से जान बचाकर भाग गई। लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मधेपुरा जिले के कुमारखंड स्थित रानी पट्टी के बगल में बसे टोले बछहा निवासी अशोक ऋषिदेव बुधवार को अपनी साली कंचन को घुमाने का बहाना कर ट्रेन से सहरसा लाया। उनकी ट्रेन शाम 4 बजे सहरसा पहुंची। वह कंचन को बाजार में घूमाते-घूमाते खिरयाही ले आया। जहां उसने अपनी साली का सौदा तय किया और फरार हो गया। जिसके बाद दलाल ने उसे अपने घर में छिपा लिया।
रात होते ही लड़की को पूरा माजरा समझ में आ गया और वह गुरुवार सुबह मौका मिलते ही चकला घर से भाग निकली। वह बाजार की तरफ भाग कर आई। उसके बाद लोगों से जान बचाने की गुहार लगाई। खिरयाही के निकट के ही लोगों ने उसे बचा लिया। इसकी सूचना सदर थाना अध्यक्ष को दी गई। जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस की गाड़ी पहुंची। जहां से उसे सदर थाना लाया गया।

लड़की ने बताया कि उसका जीजा उसे घुमाने के लिए गांव से लेकर बाजार आया था। सदर थानाध्यक्ष आर के सिंह ने बताया कि लड़की को बरामद कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। हर बिंदु पर जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि लड़की को जीजा ने खिरयाही के दलाल गुंगवा के हाथ बेचने का सौदा किया था। दलाल गुंगवा सहित उसके लोगों ने जीजा को रकम देने के बदले मारपीट कर भगा दिया।
सहरसा में फल फूल रहा जिस्मफरोशी का धंधा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सहरसा के खिरयाही में देह व्यापार का धंधा खूब फल फूल रहा है। आए दिन यहां आसपास के क्षेत्रों से लड़कियों को लाकर बेचा जाता है। जो लड़कियां भाग गईं वो बच जाती है वर्ना जिंदगी भर उन्हें इस दलदल में फंसा रहना पड़ता है। कई बार पुलिस ने कार्रवाई भी की। इसके बावजूद इस पर रोक नहीं लग रहा है।
