विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज, बिहपुर निबंधन ऑफिस से माँगा केवाला

भागलपुर / पटना

विक्रमशिला पुल के समानांतर पुल की स्वीकृति मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने भागलपुर और बिहपुर निबंधन कार्यालय से संबंधित जमीन का केवाला मांगा है।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

समानांतर पुल के लिए चार मौजा की जमीन का अधिग्रहण करना है। संबंधित जमीन भागलपुर और बिहपुर निबंधन कार्यालय के अन्तर्गत पड़ती है। दोनों कार्यालयों से तीन साल का केवाला मांगा गया है। उसके आधार पर जमीन का रेट तय किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगायी जा चुकी है।

सामाजिक प्रभाव आकलन और विशेषज्ञों की समूह से पुल निर्माण के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। डीएम की अध्यक्षता में अधिकारियों की टीम द्वारा भी जमीन का निरीक्षण कर चुकी है। एक अधिकारी ने बताया कि रेट निर्धारण करने के बाद अधिघोषणा की जाएगी। इसके बाद रैयतों को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।

समानांतर पुल के लिए मखुजान मौजा की 10.98 एकड़, महादेवपुर मौजा की 35.593 एकड़, परबत्ता मौजा की .48 एकड़ और भागलपुर नगर निगम मौजा की 4.41 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है। इसके अलावा बिहार सरकार और रेलवे की जमीन है। जमीन अधिग्रहण के लिए आवंटन की मांग की जा चुकी है। विक्रमशिला के पूरब समानांतर पुल बनाने की योजना है। समानांतर पुल की लंबाई करीब 4.37 किमी होगी। सड़क की चौड़ाई 19 मीटर होगी और दोनों तरफ फुटपाथ बनेगा। इस पर तकरीबन 1900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पुल एनएच-31 और एनएच-80 से जाकर मिलेगा।