विक्रमशिलापुल के समांतर बनने वाले फोरलेन पुल को लेकर चार दिन पहले जांच करने आई टीम ने शुक्रवार को दिल्ली में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट के सौंपने के बाद जल्द ही डीपीआर पर काम शुरू हो जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!टीम के अभियंताओं ने बुधवार को भागलपुर जीरोमाइल से लेकर नवगछिया जीरोमाइल तक निरीक्षण किया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय में जल्द से जल्द रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था। जिसके आधार पर पहले चरण की रिपोर्ट अधिकारियों ने सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही डीपीआर का काम आगे बढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी हो कि पिछली बार जुलाई माह में मंत्रालय से आयी टीम ने रूपरेखा (एलाइनमेंट) फाइनल कर दिया था। उसी की जांच के लिए यह टीम पहुंची थी। इसमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (दिल्ली) के अधीक्षण अभियंता एसके कुशवाहा, एनएच के मुख्य अभियंता अनिल कुमार सिन्हा, पीडब्लूडी के अधीक्षण अभियंता प्रभाशंकर सहित पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना पदाधिकारी रामसुरेश राय, एनएच के कार्यपालक अभियंता राजकुमार सहित विभाग के कनीय अभियंताओं की टीम थी।

जानकारी हो कि बुधवार को पहुंचे इन अधिकारियों ने एलाइनमेंट (पुल और सड़क के जोड़ने का काम) का निरीक्षण किया और बैठक कर उसपर चर्चा की। जिसके आधार पर इन लोगों ने रिपोर्ट सौंप दी है। इन अधिकारियों ने भागलपुर और नवगछिया जीरोमाइल दोनों तरफ जाकर निरीक्षण किया था। वहीं प्रस्तावित पुल के नदी के दोनों किनारे पर सड़क से मिलने वाले स्थान पर जांच की थी।
पुल के मॉडल और आवागमन पर हुई बात : पुराने विक्रमशिला पुल को देखने के बाद केन्द्रीय टीम के अधिकारियों ने गंगा में नए पुल के निर्माण की दिशा में पुल का मॉडल पर बात की। अभियंताओं की माने इस दौरान मालवाहक और यात्री जहाज के आवागमन पर भी चर्चा हुई। साथ ही पुल की उंचाई पुराने पुल से अधिक होगा।
