लॉ परीक्षा के केंद्राधीक्षक बनने से छह शिक्षकों ने हाथ खड़े किये वजह जान आप हैरान हो जायेंगे

भागलपुर / पटना

भागलपुर : टीएमबीयू के बहुद्देशीय प्रशाल में 25 सितंबर से तीन व पांच वर्षीय लॉ की सेमेस्टरवाइज परीक्षा शुरू होने जा रही है, लेकिन केंद्राधीक्षक बनने के लिए शिक्षक राजी नहीं हो रहे हैं. परीक्षा विभाग की ओर से पीजी विभागों के आधा दर्जन शिक्षकों से मोबाइल से संपर्क कर केंद्राधीक्षक बनने के लिए आग्रह किया गया.

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उन शिक्षकों ने केंद्राधीक्षक बनने से हाथ खड़े कर दिये. ऐसे में परीक्षा विभाग के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गयी है. किसी तरह वरीय शिक्षक प्रो राघवेंद्र को कह सुन कर केंद्राधीक्षक तो बना दिया गया है, लेकिन परीक्षा नियंत्रक को वह बार-बार कह रहे हैं कि केंद्राधीक्षक नहीं बनना है. ऐसे में प्रतिकुलपति व परीक्षा नियंत्रक केंद्राधीक्षक मामले को लेकर स्पष्ट नहीं बोल पा रहे हैं.

परीक्षा नियंत्रक प्रो राम प्रवेश सिंह ने कहा कि केंद्राधीक्षक बनने के लिए कई विभागों के शिक्षक से संपर्क किया गया है, लेकिन उन शिक्षकों ने केंद्राधीक्षक बनने से मना कर दिया है. इस संबंध में कुलपति को अवगत करा दिया गया है. एक से दो दिनों में सारा कुछ स्पष्ट हो जायेगा. उन्होंने बताया कि परीक्षा को लेकर पुलिस की पूरी व्यवस्था की जा रही है.

अप्रैल 2018 में लॉ की स्पेशल परीक्षा विवि बहुद्देशीय प्रशाल में हो रही थी. इसमें नकल करने वाले छात्रों काे केंद्राधीक्षक प्रो राम प्रवेश सिंह ने रंगेहाथ पकड़ लिया था. इसे लेकर छात्र उग्र हो गये थे. केंद्राधीक्षक को छत से नीचे फेंकने का प्रयास किया था. मामले को लेकर केंद्राधीक्षक ने कुछ छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी. घटना सामने आने के बाद विवि के दूसरे शिक्षकों में दहशत है कि लॉ परीक्षा में केंद्राधीक्षक बनने पर उनके साथ भी घटना हो सकती है.