जमालपुर में सेंट्रल रूट रिले इंटरलॉकिंग के लिए एनआई वर्क गुरुवार को शुरू हुआ। मालदा डीआरएम नीतू चंद्रा खुद काम का जायजा लेने जमालपुर पहुंचीं। ट्रेन बंद होने के बाद वह वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में सड़क मार्ग से सुल्तानगंज तक पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही सुल्तानगंज से रतनपुर तक सड़क मार्ग से रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वह पूर्व रेलवे के जीएम से बात करेंगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भीड़ ऐसी कि इंजन और गार्ड बोगी भी कम पड़ गई
किऊल रूट पर जो भी ट्रेन चली वह सुल्तानगंज व बरियारपुर तक ही गई। यात्रियों की रिकार्ड भीड़ के आगे ट्रेनों की बोगियां कम पड़ गईं। जिसे जहां जगह मिला, चढ़ गए। जितने चढ़े उससे ज्यादा प्लेटफाॅर्म पर छूट गए। सैकड़ों यात्री पायदान तक पर लटक गए। जिन्हें पायदान पर भी जगह नहीं मिली वे इंजन व गार्ड बोगी में भी चढ़ गए। यात्रियों की बेबसी के आगे रेल पुलिस भी असहाय रही। सुल्तानगंज तक जाने वाली मालदा-जमालपुर इंटरसिटी, बरियारपुर तक जाने वाली साहिबगंज-किऊल पैसेंजर और वर्धमान पैसेंजर में भीड़ का अंदाजा यह था कि जितने यात्री ट्रेन के इंतजार में थे। उतने ही प्लेटाफॉर्म के अपोजिट में थे।

गुरुवार से शुरू हुए मेगा ब्लाॅक के कारण किऊल की ओर कुछ ट्रेनें ही गईं। शाम में बरियारपुर की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर भारी भीड़ जुट गयी।
पटना जाने के लिए यात्रियों में रही बेचैनी, नवगछिया से पकड़ी ट्रेन
मेगा ब्लॉक के कारण पटना जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। गुरुवार को पटना जाने के लिए चार महत्वपूर्ण ट्रेनों विक्रमशिला, एलटीटी, सूरत व अजमेर सुपरफास्ट का रूट बदल गया था। कई यात्रियों ने नवगछिया जाकर वहां से कटिहार-पटना इंटरसिटी पकड़ी। कई अवध-असम से हाजीपुर तक गए। कई यात्रियों ने बस से मानसी-खगड़िया जाकर पटना जाने वाली ट्रेन कोसी एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, सहरसा-दानापुर एक्सप्रेस का सहारा लिया। हालांकि रेलवे ने पटना जाने के लिए धरहरा या दशरथपुर स्टेशन पर वैकल्पिक व्यवस्था की थी। दशरथपुर से राजेन्द्रनगर-बांका इंटरसिटी और धरहरा से दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी का परिचालन किया गया।
बरियारपुर की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन में जगह पाने के लिए मशक्कत करते लोग। कई यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाए।
मुंगेर ब्रिज पर नहीं चली कोई ट्रेन, यात्री पैदल ही गए सबदलपुर
रतनपुर के पास नवनिर्मित वायलेग के रास्ते मुंगेर ब्रिज से ट्रेन नहीं चलाने पर भी यात्रियों में रोष रहा। गुरुवार को मुंगेर ब्रिज होकर कोई ट्रेन नहीं गई। गंगापार सबदलपुर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने पैदल ही पुल पार किया। कई यात्रियों ने इस मसले को लेकर स्टेशन अधीक्षक के दफ्तर में खरीखोटी भी सुनाई। मुंगेर ब्रिज के रास्ते 24 सितम्बर से जनसेवा एक्सप्रेस बरौनी होकर मुजफ्फरपुर तक जाएगी। इस ट्रेन का ठहराव मुंगेर स्टेशन पर भी होगा।

सूरत व अजमेर बांका के रास्ते और विक्रमशिला व एलटीटी साहेबगंज के रास्ते चली
भागलपुर-नई दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस मुंगेर ब्रिज के रास्ते बरौनी होकर पटना तक जाएगी। लेकिन यह सिर्फ सोमवार को ही चलेगी। यह भागलपुर से शाम 5:30 बजे खुलेगी। भागलपुर से सुबह 8:05 बजे लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (एलटीटी) साहिबगंज, रामपुर हाट, आसनसोल, धनबाद के रास्ते मुगलसराय तक गई। जबकि भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस सुबह 9:25 बजे और भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस दोपहर 1:05 बजे बांका-जसीडीह के रास्ते चलाई गई।
15 फीसदी ने लौटाए टिकट, नहीं कटा चार्ज, पूरे पैसे मिले
यात्रियों की बेबसी विक्रमशिला एक्सप्रेस पर अधिक दिखी। यह ट्रेन गुरुवार को साहेबगंज-धनबाद के रास्ते गया होते हुए मुगलसराय तक गई। करीब आठ घंटे से ज्यादा वक्त धनबाद रूट से होने की वजह से 15 फीसदी यात्रियों ने टिकट वापस करा दिए। यात्रियों को पूरे पैसे मिल गए।
जानकारी लेने के लिए पूछताछ काउंटर पर भीड़ लगी रही
ट्रेनों के रद्द और रूट परिवर्तन से यात्रियों की परेशानी का अंदाजा पूछताछ केंद्र पर उमड़ी भीड़ बता गई। गुरुवार को दिनभर पूछताछ केंद्र के पास यात्री भागलपुर से किऊल, पटना, आरा, बक्सर आदि जगहों पर जाने के लिए जानकारी लेते रहे। एहतियात के तौर पर पूछताछ कार्यालय के बाहर ट्रेनों के परिचालन को लेकर सूचना भी चस्पा किया गया है। फिर भी लोग इंक्वायरी से जानकारी लेकर संतुष्ट होते रहे।
