भागलपुर। स्मार्ट सिटी में अब नागरिकों को स्मार्ट परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सुगम, सस्ता और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम ने तैयारी तेज कर दी है। रूट के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। सिटी बस सर्विस के लिए परिवहन निगम को सात गाडिय़ां मिलेंगी। जिसके सहारे शहर के चार रूटों पर सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रत्येक रूट पर न्यूनतम पांच और अधिकतम दस फेरा वाहन लगाएगी। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन कुमार शांडिल्य ने कहा कि सिटी बस सर्विस शुरू करने के लिए गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्त के साथ वार्ता की जाएगी। जिसमें टेंप्रोरी परमिट (टीपी), परमानेंट परमिट (पीपी) और रूटों को नाटिफाइड कराने के बिंदु पर चर्चा की जाएगी।
प्रथम चरण में शहर के बाहरी रूटों पर चलेंगी बसें
सिटी बस सर्विस शुरू होने के बाद भी शहर के अंदर बसें नहीं चलेंगी। शहर में जाम की समस्या के कारण प्रथम चरण में शहर के बाहरी इलाकों से बस सेवा की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है।

पटना में सिटी बस सेवा में सीएनजी और इलेक्ट्रानिक बसों के इस्तेमाल के बाद भागलपुर को छह बसें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि डिमांड बढऩे के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
भागलपुर डिविजन में संचालित हो रही हैं 67 बसें
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि अभी भागलपुर डिविजन में 38 गाडिय़ां चल रही है। जिसमें 38 गाडिय़ां निगम की हैं, जबकि 29 गाडिय़ां पीपीपी मोड में संचालित हो रही है। जिसमें भागलपुर में 15, मुंगेर में 19 और जमुई में चार गाडिय़ां संचालित हो रही है।
बस के अंदर और बस डीपो परिसर में दिखी गंदगी तो होगी कार्रवाई
बस के अंदर और बस डीपो परिसर में गंदगी दिखने पर अब कार्रवाई होगी। क्षेत्रीय परिवहन प्रबंधक पवन कुमार शांडिल्य ने बताया कि सभी बस डीपो के इंचार्ज को पत्र लिखा गया है। बस डीपो के इंचार्ज को निर्देश दिया गया कि वे बिना आदेश के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। वहीं, बस के अंदर और बस डीपो परिसर की सफाई का पूरा ख्याल रखें। बस डीपो के अंदर गंदगी दिखने पर संबंधित चालक और उपचालक पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बस डीपो परिसर में गंदगी दिखने पर डीपो इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन प्रबंधक ने कहा कि बीते दिनों मुंगेर डीपो से निरीक्षण कर लौटने के दौरान एक बस का औचक जांच किया गया। बस के बाहर और अंदर गंदगी दिखने पर एक सौ रुपये का फाइन किया गया। इसके बाद बसों की सफाई के प्रति चालक सजग हो गए। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगा।
