हबीबपुर में खाकी की हनक कम हो गई है। इलाके में लगातार लॉ एंड अॉर्डर की समस्या पैदा हो रही है। पब्लिक पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतर रही हैं। पुलिस जवानों के साथ मारपीट की जा रही है और उनका राइफल तक छीनने की कोशिश की जा रही है। यह पुलिसिंग पर बड़ा सवाल है। सवाल यह भी है कि क्या लोगों का पुलिस से भरोसा उठ रहा है। शहर में पिछले एक सप्ताह में घटी इस तरह की घटनाएं इसकी ताजा बानगी हैं। थानेदार भारत भूषण पर फिल्ड में नहीं जाने का आरोप लग रहा है। सिविल सोसाइटी के लोग भी थानेदार के कामकाज से नाखुश हैं। थानेदार पर एक खास जनप्रतिनिधि के पक्ष में काम करने का आरोप लग रहा है। यहीं नहीं, सड़क जामकर लोग थानेदार को हटाने की भी मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी विभाग के अालाधिकारी थानेदार पर मेहरबान हैं। उनसे शो-कॉज तक नहीं पूछा गया कि आखिर पब्लिक पुलिस के खिलाफ क्यों हो गई है?…। एक सप्ताह में तीन बार हबीबपुर पुलिस के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सड़क जाम किया। एसडीओ-डीएसपी ने हस्तक्षेप किया तो माहौल बिगड़ने से बचा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस इलाके में एक सप्ताह के अंदर तीन बार सड़क जाम करने और पुलिसवालों के साथ मारपीट करने की घट चुकी है घटना
23 सितंबर : हबीबपुर पुलिस के खिलाफ चार स्थानों पर जाम

ट्रैक्टर से कुचल कर मो. इस्लाम उर्फ विक्की की मौत के बाद स्थानीय लोगों अलग-अलग स्थानों पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया था। हबीबपुर थानेदार मौके पर नहीं आए थे। पुलिस पर पैसे लेकर ट्रैक्टर को मेला मैदान वाले रोड में घुसाने का आरोप था। छह घंटे तक विधि-व्यवस्था को खतरा रहा।
हबीबपुर पुलिस के कामकाज को दर्शाती हैं ये घटनाएं
22 सितंबर : थाने से लाश ले भागे परिजन, देखती रह गई पुलिस
पहलाम के दौरान शाहजंगी तालाब में डूबने से हुई पैकर समेत दो लड़कों की मौत मामले में हबीबपुर पुलिस के खिलाफ लोगों ने आगजनी कर सड़क जाम कर दिया था। पुलिस का रवैया ढीला रहा। एक लड़के की लाश को पुलिस ने थाना लाया, जहां से परिजन लाश ले भागे थे।
17 सितंबर : जवानों से हाथापाई राइफल छीनने की कोशिश
हाफिज गुलफराज अंसारी के मामले में संदिग्धों को पुलिस जब थाने ले जाने लगी तो ग्रामीण उग्र हो गए थे। जिन दो युवकों को पुलिस थाने ले जा रही थी, उन्हें सौंपने को कह रहे थे। बाइक पर आ रहे दो पुलिसकर्मियों को चौक पर युवकों ने घेर लिया था। युवकों ने पुलिस की लाठी व रायफल छीनने की कोशिश की थी।
थानेदार पर ये हैं आरोप
सिविल सोसाइटी का नहीं लेते सहयोग : शांति समिति और सिविल सोसाइटी के लोगों ने एसडीओ और सिटी डीएसपी की मौजूदगी में हबीबपुर थानेदार पर आरोप लगाया था कि विधि-व्यवस्था बिगड़ने पर उनलोगों का सहयोग नहीं लिया जाता था। इससे पुलिस की छवि जनता के बीच खराब हो रही है।
फील्ड में नहीं जाते थानेदार स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना घटने के बाद भी थानेदार फिल्ड में नहीं निकलते हैं। तालाब में दो युवकों की डूबने से मौत, दुर्घटना में युवक की मौत के बाद भी थानेदार मौके पर नहीं पहुंचे और कनीय अफसरों को भेजा दिया। इससे माहौल बिगड़ा और लोग उपद्रव पर उतारू हो गए।
