भागलपुर में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसके दोनों हाथ काट दिए गए थे और गला भी रेता हुआ था। मामला जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र का है। शव देख इलाके में सनसनी फैल गई। उसकी पहचान लालुचक बुद्धुचक निवासी गौरी मण्डल के बेटे जितेंद्र के रूप में हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!परिजनों ने बताया, मृतक जितेंद्र अपने दोस्त सुनील के साथ IPL में सट्टा लगाता था। बीते दिनों उसने 50 हजार रुपये जीते थे। पिता का कहना है कि- 5 दिन पहले जितेंद्र सुनील के साथ गया था। इसके बाद से घर नहीं लौटा। पिता ने 16 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार की सुबह शौच करने गए ग्रामीणों ने जमुनिया नदी के किनारे शव दफनाया हुआ देखा। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

नदी किनारे प्लास्टिक में शव था दफनाया हुआ
नाथनगर थाना क्षेत्र के चंपानगर लालूचक जमुनिया नदी किनारे मृतक जितेंद्र का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने कहा- मृतक जितेंद्र के दोनों हाथ काट दिये गये हैं। इसके साथ ही गला भी रेत दिया गया था। इसके बाद उसको नदी किनारे काले रंग के प्लास्टिक में दफना दिया गया था। लोगों ने कहा कि किसी ने जानबूझ कर इसकी हत्या कर दी है।

17 वर्षीय मृतक जितेंद्र आईपीएल में लगाता था सट्टा
ग्रामीणों कि- मृतक जितेंद्र आईपीएल में सट्टा लगाता था। इस काम उसका दोस्त सुनील भी साथ देता था। इधर के दिनों में आईपीएल में सट्टा लगाकर उसने 50 हजार की राशि जीती थी। हो सकता है इसको लेकर ही कहीं इसकी हत्या कर दी गई है। जिस तरह से मृतक जितेंद्र का शव मिला है उससे लगता है कि बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई है। मृतक नाथनगर थाना क्षेत्र के लालुचक बुधुचक निवासी गौरी मंडल के 17 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार था।
मामले में पुलिस एक को हिरासत में लेकर कर रही है पूछताछ
परिजन ने बताया कि 16 अप्रैल को गांव के ही सुनील मेरे बेटे जितेंद्र को बुलाकर ले गया था। उसी दिन से वह घर नहीं लौटा था। हमलोगों ने काफी खोजबीन की पर कुछ पता नहीं चला। मृतक के पिता और अन्य परिजन हत्या कर शव को दफनाने का आरोप लालूचक बुद्धूचक निवासी सुनील मंडल पर लगाया है। जितेंद्र 16 अप्रैल से लापता था। परिजनों ने नाथनगर थाने में जितेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन सफलता हाथ नही लगी।
