भागलपुर में इस बार भी एनडीए और महागठबंधन में होगी रोचक जंग, राजद व भाजपा में मुकाबले

भागलपुर / पटना

पटना : भागलपुर का संसदीय इतिहास बताता है कि यहां जनता की पसंद बदलती रही है. पहले वाम दलों का यहां कब्जा रहा, बाद में भाजपा के शाहनवाज हुसैन व सुशील कुमार मोदी भी यहां से सांसद निर्वाचित हुए.

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2014 के चुनाव में राजद ने यहां कब्जा जमाया. बुलो मंडल यहां से सांसद निर्वाचित हुए. 2014 में दूसरे स्थान पर भाजपा के सैयद शाहनवाज हुसैन रहे, जबकि तीसरे स्थान पर जदयू के अबु कैसर रहे. 2009 के चुनाव में भाजपा के शाहनवाज हुसैन यहां से सांसद बने.

वहीं, 2004 के लोकसभा चुनाव में पहली बार सुशील कुमार मोदी भागलपुर से सांसद निर्वाचित हुए थे. 1977 में जनता पार्टी की लहर में रामजी सिंह ने यहां से रिकाॅर्ड मतों से जीत हासिल की थी. वहीं, 1980 में हुए मध्यावधि चुनाव में भागवत झा आजाद यहां से कांग्रेस की टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे.


इनपुट : भागलपुर.
ये विस क्षेत्र हैं शामिल
नाथनगर
भागलपुर
गोपालपुर
बिहपुर
कहलगांव
पीरपैंती.

भागलपुर में इस बार भी एनडीए और महागठबंधन में होगी रोचक जंग

भागलपुर लोकसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला होगा. इस बार भी एनडीए और महागठबंधन में सीधे मुकाबले के आसार हैं. इस बार जदयू और भाजपा साथ है. 2019 लोकसभा चुनाव में भागलपुर लोकसभा सीट पर भाजपा की मजबूत दावेदारी है, लेकिन जदयू की भी इस सीट पर नजर है.

भाजपा ने परिवार संपर्क यात्रा के बहाने इस सीट के लिए भीतर ही भीतर तैयारी शुरू कर दी है. भागलपुर से जदयू अपने संगठन की मजबूती को लेकर लोकसभा क्षेत्र में कई बैठक कर चुका है. भाजपा की ओर से सैयद शाहनवाज हुसैन के नाम ही चर्चा है.

जबकि, विधान पार्षद डॉ एनके यादव सहित भाजपा के कई अन्य नेताओं ने भी चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. महागठबंधन की ओर से राजद का कोटा होने पर सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल फिर प्रत्याशी हो सकते हैं. महागठबंधन में शामिल दूसरी पार्टी की ओर से इस सीट से चुनाव लड़ने को लेकर कोई दावेदारी पेश नहीं की गयी है.