भागलपुर के सखीचंद घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर से आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के द्वितीया के दिन चार जुलाई को रथयात्रा निकालने की तैयारी पूरी हो गयी है। इस बार मंदिर की ओर से 146वीं रथयात्रा होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रथयात्रा को खास बनाने के लिए भगवान के रथ को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। डीजे, बैंड बाजे और श्रद्धालुओं के साथ नगर भ्रमण करने की तैयारी है। रथयात्रा मंदिर परिसर से होकर रथ निकलकर नया बाजार, कोतवाली चौक, स्टेशन चौक, वेरायटी चौक, खलीफाबाग चौक, मंसूरगंज व बूढ़ानाथ चौक होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर के रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है।

चार जुलाई को सुबह मंदिर में पूजन, शृंगार व आरती का कार्यक्रम होगा। भगवान को 56 भोग लगाए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर और पूड़ी का प्रसाद बांटे जाएंगे। शाम में धूमधाम से रथयात्रा निकाली जाएगी। मान्यता है कि उस दिन भगवान पूरे विश्व के प्राणी को कल्याण व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। भगवान से जो भी मुराद मांगी जाती है, वह पूरी होती है। उन्होंने बताया कि मंदिर में बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमा नहीं होने के कारण सखुआ की लकड़ी के रथ में भगवान जगन्नाथ व हनुमान जी का नगर भ्रमण कराया जाता है।
नीम की लकड़ी से निर्मित है भगवान
पंडित सौरभ मिश्रा ने बताया कि जगन्नाथ सहाय नामक व्यक्ति ने इस मंदिर की स्थापना 1872 में की थी। उनके पिता तीर्थयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ से बेटे की मन्नत मांगी थी। पिता की मौत के बाद उन्होंने मंदिर की स्थापना की थी। भगवान जगन्नाथ की स्थापित प्रतिमा नीम की लकड़ी से निर्मित है। पंडित ने बताया कि यहां भगवान को स्पर्श नहीं किया जाता है। दर्शन से ही मन्नत मांगी जाती है।
रथ खींचकर कराया जाता है नगर भ्रमण
श्रद्धालुओं द्वारा आज भी रथ को खींचकर नगर भ्रमण कराने की परंपरा कायम है। रथ पर सवार भगवान को घुमाने के लिए श्रद्धालु तैयार रहते हैं। इस दौरान जगह-जगह पुष्प की वर्षा होती है। उधर, बाटा गली व सूजागंज बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर से भी रथयात्रा निकालने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
