सिलेंडर ब्लास्ट में ज्योति की खुशियां छीन गईं। पल भर में ही शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। उसके पिता टीके साह ने बड़े ही धूमधाम से बेटी की शादी जमालपुर के विक्की से तय की थी। घर के सामने ही विवाह भवन से पूरा आयोजन होना था। सुबह से विवाह भवन में बारातियों के स्वागत को लेकर तैयारी चल रही थी। लेकिन अचानक से सबकुछ मातम में बदल गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ज्योति अपनी सहेलियों के साथ मेहंदी लगवाने गई थी। इस कारण विस्फोट के समय घराती पक्ष के लोग विवाह भवन में इक्के-दुक्के थे। बारातियों के लिए बना पूरा खाना बर्बाद हो गया। ज्योति की शादी घर वालों ने नाथनगर के मनसकामनानाथ मंदिर में देर रात कराई। शादी में वह रौनक नहीं थी।
मेहंदी लगवाने गई थी ज्योति, देर शाम आने वाली थी बारात
परवत्ती में किराना स्टोर चलाने वाले तारकेश्वर साह की एक मात्र बेटी ज्योति की शादी सोमवार की रात धूमधाम से होनी थी। बारातियों के स्वागत के लिए खाना तैयार हो रहा था। घर में हबगब थी। महिलाएं तैयार हो रही थी। पुरुष बारातियों के स्वागत की तैयारी में लगे थे। रात आठ बजे के करीब जमालपुर से बारात आने वाली थी। ज्योति मेहंदी लगवाने पास ही ब्यूटी पार्लर गई थी। इसी बीच विवाह स्थल के बगल में खाना बनाने के दौरान सिलिंडर विस्फोट हो गया।

जहां शादी की तैयारी हो रही थी, वहां चीख पुकार मच गया। इसकी सूचना मिलते ही ज्योति का बुरा हाल हो गया। वह दहाड़ मारकर रोने लगी। चेहरों का रंग पीला पड़ गया। ज्योति के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक रो रहे थे। घरों में अंधेरा पसरा हुआ था। सभी इक्ट्ठा बैठे हुए थे। कोई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं थे।
बारातियों का खाना बिखर गया जमीन पर
भागलपुर : बारातियों के लिए जो खाना तैयार किया जा रहा था, वह सिलिंडर विस्फोट के साथ ही जमीन पर बिखर गया। दाल एक और तो दहीबाड़ा दूसरी ओर बिखर गया था। आलू सहित अन्य सब्जियां मलवे में दब गई थी।
