भागलपुर : पिता की कब्र खुदवाने जा रहे बेटे की ट्रैक्टर से कुचलकर दर्दनाक मौत पर जमकर बवाल

भागलपुर / पटना

पिता की मौत होने पर उनकी कब्र खुदवाने कब्रिस्तान में जा रहे रहे बड़े बेटे को बालू लदे ट्रैक्टर ने कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई जबकि हादसे में छोटा बेटा घायल हो गया।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

घटना हबीबपुर थाने के शाहजंगी मेला मैदान के पास घटी। हादसे से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को पीट दिया। सुबह सात से दस बजे तक हंगामा कर रहे लोगों की भीड़ अनियंत्रित रही। दिन के बारह बजे मुआवजा और तत्काल राहत पर लोग माने तब जाकर हंगामा शांत हुआ।

हबीबपुर थाने के अजीजनगर गांव के मो. सईद वारसी की शनिवार शाम मौत हो गई थी। रविवार सुबह मिट्टी देने की तैयारी चल रही थी। बड़ा बेटा मो. विक्की, छोटा सन्नी और मजदूर मो. पप्पू को बाइक से बैठाकर कब्र खुदवाने शाहजंगी कब्रिस्तान जा रहे थे। तेज गति से आ रही ट्रैक्टर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना में विक्की की मौत हो गई। सन्नी और मजदूर घायल हो गया। घटना के बाद टैक्टर चालक और उसपर सवार मजदूर भागने में सफल हो गए।

इसके बाद बवाल मच गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर हबीबपुर थाने के दारोगा मो. इहतेशाम आलम खॉ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने पुलिस जवान का राइफल छीनकर दारोगा की पिटाई कर दी। पुलिसकर्मियों ने सरपंच के घर में घुसकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

बवाल बढ़ते देख नाथनगर इंस्पेक्टर मो. जनीफउद्दीन और ललमिटया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन भीड़ ने उन्हें भी खदेड़ दिया। शाहजंगी पंचायत के मुखिया पति और सरपंच बीच बचाव करने आए लेकिन उन्हें भी आक्रोशित भीड़ का शिकार होना पड़ता। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि मुखिया-सरपंच पर भी हमला कर दिया। सुबह सात से दस बजे तक भीड़ अनियंत्रित रही।

पुलिस पर ग्रामीणों ने लगाया आरोप
हबीबपुर रोड, सदरुद्दीनचक, एनएच-80 के धाबिया काली स्थान और वैकल्पिक बायपास सड़क को बांस बल्ली लगाकर जाम कर दिया। उग्र लोगों ने टायर जलाकर बवाल और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का पुलिस पर ज्यादा गुस्सा था। आरोप लगाया कि नो इंट्री में पुलिस पैसा लेकर बालू लोड ट्रैक्टर को शहर में प्रवेश कराते हैं। स्थिति बेकाबू देख पुलिस केन्द्र से भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को शाहजंगी भेजा गया लेकिन भीड़ के सामने पुलिसकर्मी बेबस नजर आ रही थी।

परिवार वाले दस लाख मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे थे। आखिरकार दिन के 12 बजे प्रशासनिक अधिकारी, शांति समिति और केन्द्रीय मुहर्रम कमेटी के लोग और कुछ समाजसेवी की पहल के बाद मामला शांत हुआ। पांच लाख रुपये मुआवजा और तत्काल परिवारिक हित लाभ योजना से 20 हजार नकद और कबीर अन्तेष्टि योजना से नकद तीन हजार रुपए भुगतान के बाद लोग मान गए। पुलिस ने सड़क जाम हटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।