भागलपुर : जब तक जिंदगी रही तब तक मां-बाप से लेकर पति तक ने हाथ थामे रखा। मर गयी तो अपनों ने ही सारे रिश्ते तार-तार कर डाले। जिस विवाहिता को ससुरालवालों ने अस्पताल में भर्ती कराया और जिन मायकेवालों ने रात में जगकर उसकी सेवा की। उसी की लाश को छोड़कर ससुरालवाले-मायकेवाले मायागंज अस्पताल से फरार हो गये।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस गरीब बेबस की लाश सारा दिन मायागंज अस्पताल में पड़ी रही तो सूचना मिलने पर बरारी पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बयान न होने के कारण लाश का पोस्टमार्टम कराने से लेकर निस्तारण करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है।

जलने के बाद रविवार को भर्ती हुई थी विवाहिता
नाथनगर क्षेत्र के भुआलपुर गांव निवासी विष्णु मंडल ने सुषमा कुमारी (18 वर्ष) से छह माह पहले प्रेम विवाह किया था। संदिग्ध परिस्थितियों में सुषमा को जली अवस्था में रविवार की शाम मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी रविवार की देर रात मौत हो गयी। मौत के बाद मायागंज अस्पताल में सुषमा की लाश को छोड़कर ससुरालवाले फरार हो गये तो वहीं बरारी पिकेट में मुकदमा दर्ज कराने आये मृतका के मायकेवाले भी गायब हो गये।
लाश सोमवार की दोपहर तक मायागंज अस्पताल में पड़ी रही। कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना मायागंज अस्पताल स्थित बरारी पिकेट को दी तो पुलिस ने यह कहकर पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया गया कि मौत का बयान किसी ने दर्ज नहीं कराया है। अब लाश की जिम्मेदारी मायागंज अस्पताल प्रशासन की है।
