गंगा में जारी कटाव से मंगलवार को डीपीएस का सिक्योरिटी गार्ड रूम और सात वॉशरूम बह गए। दोनों स्कूल के पिछले हिस्से में बने हुए थे आैर पुराने थे। स्कूल प्रबंधन इसे हटाने की तैयारी पहले से ही कर रहा था, लेकिन कटाव में पहले ही यह गंगा में समा गया। हालांकि जनहानि नहीं हुई। जानकारी पर प्रशासन के अफसरों ने स्कूल का मुआयना भी किया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि हाईकोर्ट से तीन बार आदेश होने के बाद भी सरकार ने बचाव कार्य नहीं किया। इसलिए यह नुकसान हुआ है। अब स्कूल सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार, गार्ड रूम और इससे लगे कमरे पहले ही खाली करवाए गए थे। गंगा के कटाव को देख प्रबंधन ने एहतियातन कदम उठाया था, लेकिन मंगलवार को कटाव तेज हुआ और कमरे टूटकर गंगा में समा गए। इसी सूचना मिली तो ग्रामीण दौड़े। अफरातफरी मच गई। स्कूल प्रबंधन ने जिला और पुलिस प्रशासन को भी इसकी सूचना दी। अफसर स्कूल पहुंचे और पूरे मामले को देखा। ग्रामीणों को स्कूल परिसर से बाहर निकाला और देर रात स्कूल में पुलिस की तैनाती कर दी।

प्रो. वाइस चेयरमैन ने कहा-हाईकोर्ट के अादेश के बाद भी नहीं बन रहा बांध डीपीएस में गार्ड का कमरा और वॉश रूम गंगा में बहने की सूचना पर स्कूल पहुंची पुलिस।
सरकार की लापरवाही से हुआ नुकसान : प्रबंधन
स्कूल के प्रो. वाइस चेयरमैन राजेश श्रीवास्तव की मानें तो जो कमरे बह गए, वे पुराने थे। अब इस्तेमाल में नहीं आ रहे थे। इन्हें हटाया जा रहा था। लेकिन इससे पहले ही यह गंगा में समा गया। स्कूल के भवन और हॉस्टल पर किसी तरह का असर नहीं हुआ है। सब ठीक है। उन्होंने इस कटाव के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया, स्कूल की सुरक्षा को लेकर 2008 से अब तक हाईकोर्ट ने तीन बार बांध बनाने का आदेश सरकार को दिये। लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही। एक ओर सरकार इन्वेस्टमेंट की बात कहती है, दूसरी ओर कोर्ट के आदेश पर भी कुछ नहीं कर रही। अब हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर सरकार के खिलाफ स्कूल सुप्रीम कोर्ट जाएगा।
