एसिड एटैक मामले में आरोपी प्रिंस भगत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसआईटी ने उससे लंबी पूछताछ की लेकिन घटना के 48 घंटे बाद पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। आरोप है कि प्रिंस ने ही पीड़िता को एसिड से नहलाया था। उसने एसिड कहां से लाया। उसके नकाबपोश साथी कौन थे। पुलिस इसका खुलासा क्यों नहीं कर पा रही है। .
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एसिड एटैक की घटना पर लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, इसके लिए बड़ी साजिश रची गयी होगी। हमलावरों के निशाने पर सिर्फ छात्रा थी। लोगों की मानें तो घटना में कोई आरोपी सोना-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। सामान्य लोग एसिड का प्रयोग नहीं करते हैं। पुलिस को इस बिंदु पर जांच करनी चाहिए। घटना छात्रा से जुड़ा है। इसलिए छात्रा के करीबी लोगों से पुलिस अधिकारी को बातचीत करनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रिंस मवाली किश्म का लड़का है। उसने बाहरी लड़कों को मोहल्ले में शरण दिया था। विरोध करने पर एक बार राजा यादव ने बम मारने की भी धमकी दी थी। डीआईजी विकास वैभव ने बताया कि जांच से स्पष्ट है कि नकाबपोश तीनों हमलावर प्रिंस के घर से ही पीड़िता के घर में घुसे थे। बाहर से बंद दरवाजा प्रिंस ने ही खोला था। उसके बाद नकाबपोश भागे थे।

48 घंटे में घटना का खुलासा का निर्देश:
जोनल आईजी विनोद कुमार ने कहा कि मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की गयी है। एसएसपी को घटना की वैज्ञानिक तरीके से जांच व अगले 48 घंटे में खुलासा करने का निर्देश दिया गया है। कहा जांच के दौरान कई इनपुट मिले हैं। परिवार वालों से बातचीत की गई है। कई जानकारी मिली है उसपर भी जांच करायी जा रही है। पकड़े गए संदिग्धों से भी पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। आईजी ने कहा इस मामले किसी भी निर्दोश को जेल नहीं भेजा जाएगा। .
हिरासत में लिए गए गंगट मोहल्ले के राजा यादव के पास से छात्रा का लापता मोबाइल मिला है। उसके भाई ने थाने पर मोबाइल पहुंचा दिया है। कहा कि बगीचा शौच के लिए गए थे, वहीं पर मोबाइल मिला था। आईजी ने कहा कि इस मामले में राजा से पूछताछ की जा रही है। पीड़िता के भाई का गायब मोबाइल नहीं मिला है, उसका स्वीच ऑफ मिल रहा है। पुलिस ने संभावना जताई है कि हमलावरों ने सुरक्षित भागने के लिए मोबाइल ले लिया और बाहर जाकर फेंक दिया।

एसिड पीड़िता की हालत गंभीर देख एसएसपी ने परिवार वालों का बयान लेने के लिए महिला थानेदार रीता कुमारी और बरारी थाने में तैनात रश्मि कुमारी को रविवार को वाराणसी भेजा है। पीड़िता के साथ में मां और पिता हैं। घटना के बाद पुलिस ने परिवार वालों का बयान नहीं लिया है।.
पीड़ित छात्रा की मां घटना की प्रत्यक्षदर्शी है। पुलिस का कहना है कि घटना के संदर्भ में महिला का बयान महत्वपूर्ण है। घटना को लेकर छात्रा के पिता के बयान पर रिपोर्ट दर्ज की गयी है। आईजी ने महिला पुलिस पदाधिकारी को मेडिकल ऑफिसर के सामने पीड़िता का बयान लेने का निर्देश दिया है। .
गिरफ्तार प्रिंस को भेजा जेल, भाई अब भी हिरासत में : एसिड एटैक मामले के आरोपी प्रिंस भगत को पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। हिरासत में लिए गए प्रिंस के भाई सौरभ से अभी पूछताछ की जा रही है। प्रिंस ने अन्य आरोपियों के बारे में कुछ नहीं बताया। कहा घटना के समय घर में थे लेकिन कुछ पता नहीं है। हल्ला होने पर पीड़ित छात्रा के घर गए थे। पुलिस का कहना है कि प्रिंस ने नशेबाज साथियों नाम बताया है। उससे पूछताछ की जा रही है। .

घटना के पहले अभिषेक से हुई थी बात: पीड़िता के मोबाइल कॉल डिटेल और पुलिस जांच में पता चला है कि घटना के पहले पीड़िता ने जगदीशपुर के अभिषेक नामक युवक से बातचीत की थी। पीड़िता दोस्तों से मोबाइल पर लंबी बातचीत करती थी। पुलिस ने शनिवार को अभिषेक के साथ उसके दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अभिषेक ने कुछ जानकारी दी है। अभिषेक की मां रविवार को बबरगंज थाने बेटे का पता लगाने आयी थी। कहा बेटा निर्दोष है। थानेदार ने भरोसा दिलाया कि सिर्फ पूछताछ की जा रही है।.
