भागलपुर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को मुंगेर जिला के बरियारपुर निवासी 50 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गयी. आरटीपीसीआर जांच में ये कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे. इनका इलाज पहले निजी क्लिनिक में हो रहा था, गंभीर होने के बाद इनको मायागंज अस्पताल लेकर परिजन पहुंचे थे. मरीज पहले से टीबी की बीमारी से भी ग्रसित था. अस्पताल में इनका डॉ एमएन झा की यूनिट में कोरोना एमसीएच वार्ड में इलाज चल रहा था. मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत पैक कर परिजनों को सौंप दिया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
मृतक के पुत्र ने बताया की लगभग 15 दिन पहले अचानक अचानक पिता के पेट में दर्द होने लगा. साथ ही सर्दी, खांसी और बुखार भी आ गया. इसके बाद हमलोगों ने इनका इलाज मुंगेर में कराया. तबीयत में सुधार नहीं होने पर इनको लेकर भागलपुर आये. केके नर्सिंग होम में पिता को भर्ती किया गया. यहां कोरोना जांच कराया गया. इसमें पिता पाॅजिटिव पाये गये. निजी क्लिनिक में पिता की तबीयत और बिगड़ने लगी. इनकी स्थिति को देखते हुए निजी क्लिनिक से मरीज को मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया.
26 जून को कोरोना पाॅजिटिव का आया था रिपोर्ट
23 जून को गंभीर हालत में मरीज को लेकर मायागंज अस्पताल पहुंचे. यहां इनका आरटीपीसीआर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया. जांच रिपोर्ट 26 जून को आया जिसमें ये कोरोना पाॅजिटिव मिले. इनके पेट और सीने का दर्द कम नहीं हो रहा था. भोजन भी पच नहीं रहा था. सोमवार को अचानक मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगी. दोपहर में मरीज बाथरूम जाने के लिए गया. बाथरूम से आने के बाद अचानक इनको बेचैनी होने लगी. मृतक के पुत्र ने बताया कि जब तक हमलोग कुछ कर पाते उससे पहले इनका दम टूट चुका था.

क्या कहते हैं अधीक्षक
जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ असीम कुमार दास ने कहा कि मुंगेर निवासी की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है. संक्रमित होने की वजह से इनको हर्ट अटैक आया और ऑक्सीजन लेवल भी कुछ देर के लिए कम हो गया. मरीज पहले से ही टीबी का मरीज था. जब तक कुछ किया जाता उससे पहले इनकी मौत हो गयी.
