भागलपुर के लिए रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर। आने वाले दिनों में उनकी ट्रेन किऊल जंक्शन स्टेशन के आउटर सिग्नल पर नहीं फंसेगी। क्योंकि, किऊल स्टेशन पर भागलपुर और साहिबगंज की ओर से आने और जाने वाली ट्रेनों के लिए अलग से प्लेटफॉर्म बनाएंगे जाएंगे। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी साल किऊल स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और रूट रिले इंटरलॉकिंग का काम होना है। इस दरम्यान ही भागलपुर के लिए दो नए प्लेटफॉर्म भी बनेंगे। दरअसल, किऊल जंक्शन पर चार रूट की ट्रेनों का आवागमन होता है। यहां से गया, नई दिल्ली, उत्तर बिहार, हावड़ा, भागलपुर के लिए ट्रेनें गुजरतीं हैं। अभी कुल पांच प्लेटफॉर्म है और पैसेंजर, एक्सप्रेस, मेल और गुड्स टे्रन मिलाकर अप और डाउन में दो सौ से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन रोजाना होता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जंक्शन पर ट्रेन लोड ज्यादा से रूकती है ट्रेनें
जंक्शन पर ट्रेनों का लोड ज्यादा होने के कारण ही आउटर पर ट्रेनों को रोका जाता है। वर्तमान में ट्रेनों की तुलना में प्लेटफार्म की कमी के चलते ट्रेनों के परिचालन में परेशानी आ रही है। किऊल स्टेशन के दक्षिणी छोर पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण शुरू हो गया है। किऊल में प्लेटफॉर्म संख्या पांच के बगल में दो और प्लेटफॉर्म का निर्माण परियोजना में शामिल हैं।


कुल सात हो जाएगी प्लेटफॉर्म की संख्या
किऊल जंक्शन पर दो प्लेटफॉर्म बढऩे से यहां प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़कर सात हो जाएगी। इससे काफी हद तक ट्रेन परिचालन और मूवमेंट में सहायत मिलेगी। दोनों नए प्लेटफॉर्म को लूप से मेन लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे अप व डाउन लाइन की ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर लेने में सुविधा होगी।

यहां फंसती है भागलपुर की ट्रेनें
प्लेटफॉर्म खाली नहीं होने के कारण भागलपुर से किऊल और पटना से भागलपुर आने वाली ट्रेनें को रामपुर हॉल्ट, धनौरी, लखीसराय स्टेशन और इसके आउटर सिग्नल पर रोजाना ट्रेनें रुकती है। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
