सबौर रेलवे स्टेशन की स्थापना के बाद से जीर्णोद्वार नहीं हुआ था अंग्रेजों के सामने से रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन को रोकने की व्यवस्था थी बिहार कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से सबौर स्टेशन के जीर्णोद्वार और लंबी दूरी ट्रेनों के ठहराव की मांग स्थानीय लोग करते आ रहे थे
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्लेटफोर्म के छोटा होने के कारण यहां छोटी दूरी की ट्रेन है रुक पाती थी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव संभव नहीं है स्थानीय लोगों की मांग पर करीब 2 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म संख्या 1 2 और 3 का जीर्णोद्वार और यात्री शेड ओवर ब्रिज और 4 नंबर प्लेटफार्म पर यात्री विश्रामालय भी बनाया जाएगा

१ नंबर प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ा दी गई है प्लेटफॉर्म पर टाइल्स और सेट का निर्माण होना है यात्रियों को बेहतर व्यवस्था और सुविधा देने के लिए ओवर ब्रिज यात्री शेड सामग्री और पेयजल की व्यवस्था के निर्माण में तेजी से कार्य चल रहा है
