भागलपुर : मधुसूदनपुर इलाके के गोलाहु गांव निवासी बमबम यादव के पांच वर्षीय पुत्र सुमित कुमार यादव की मौत कुत्ते का काटने से हो गई। अवारा कुत्ते ने मासूम को बुरी तरह नोंच डाला था। कुत्ते के हमले से लहूलुहान हुए सुमित को इलाज के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां उसके चेहरे पर 32 टांके लगाए गए। डाक्टरों ने सुमित को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन 15 दिसबंर को पांच साल का सुमित जिंदगी की जंग हार गया। सुमित की मौत की खबर जैसे ही डॉक्टरों ने स्वजनों को दी तो उनकी चित्कार अस्पताल परिसर में गूंज गई। फिलहाल, सुमित का श्राद्ध कर्म चल रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शोकाकुल पिता बमबम यादव ने बताया कि वो 12 नवंबर को बेटा सुमित घर के बाहर खेल रहा था। तभी इलाके के अवारा कुत्ते ने उसपर झपट्टा मारने शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुत्ता सुमित को नोंचने और काटने लगा। कुत्ता ऐसी हरकत कर रहा था, मानो वो उसे खाना चाहता है। पीड़ित पिता ने कहा कि किसी तरह सुमित को उसके चंगुल से छुड़ाया गया। बेटे के चेहरे पर गहरे घाव हो गए थे। लहूलुहान हालत में वह सुमित को लेकर अस्पताल गए।
बच्चे की मौत के बाद भी पुलिस व वन विभाग लापरवाह
मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि कुत्तों ने मासूम के चेहरे को बुरी तरह से नोच डाला था, जिसके कारण उसके चेहरे पर 32 टांके लगाए गए। टांके लगने के बाद सुमित कुछ दिन वहां रहा, इसके बाद ठीक होकर घर भी आ गया। 15 दिसंबर को अचानक सुमित की तबीयत फिर बिगड़ गई फिर…। यह कहते हुए बमबम का गला भर आया। बमबम का कहना है कि उस कुत्ते ने अब तक कई लोगों पर हमला किया है। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस व वन विभाग के किसी अधिकारी की नींद नहीं टूटी। कुत्ता अभी भी इलाके में है और कभी भी किसी मासूम को फिर से अपना निशाना बना सकता है।

