भागलपुर। भागलपुर की बेटी अपराजिता सारंगी को भाजपा ने ओडिसा की राजधानी भुवनेश्वर से अपना प्रत्याशी बनाया है। अपराजिता ओडिसा कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। करीब छह माह पहले अपराजिता स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर भाजपा में शामिल हुई थीं। अपराजिता का नाम भाजपा की पहली सूची में आया है। ओडिसा कैडर की आईएएस अधिकारी स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने के पूर्व तक केद्र में ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर थीं। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में पीजी अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष (स्व.) डॉ. अजीत कुमार मिश्र की पुत्री अपराजिता 1994 बैच की आईएएस अधिकारी थीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपराजिता यहां एसएम कॉलेज से अंग्रेजी आनर्स की और पीजी की पढ़ाई के दौरान ही उनका चयन सिविल सर्विस परीक्षा में हो गया। अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय कांत दास कहते हैं कि अपराजिता बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थी। वह विश्वविद्यालय स्तर पर एक्सेलेंट डिबेटर थीं। उनमें नेतृत्व क्षमता थीं। अपराजिता के रिश्ते में भाई विनोद दूबे ने कहा कि वह अच्छी वक्ता हैं। ओडिसा और दिल्ली में जिन विभागों में वह रहीं वहां उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। पहले से भागलपुर के दो बेटे हैं भाजपा के सांसद

लोकसभा में भागलपुर का सीधा प्रतिनिधित्व भले ही भाजपा का नहीं है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों से संसद में अप्रत्यक्ष रुप से मौजूदगी रह सकती है। 2014 के चुनाव में झारखंड के गोड्डा क्षेत्र से जीते निशिकांत दूबे और बक्सर से जीते अश्विनी कुमार चौबे भागलपुर के ही रहने वाले हैं। निशिकांत दूबे का पैतृक गांव कहलगांव प्रखंड है वहीं चौबे का पैतृक गांव शाहकुंड है। अब भाजपा ने यहां की बेटी को संसद में जाने का अवसर दिया है। भागलपुर सीट से भाजपा भले ही चुनाव नहीं लड़ रही हो, लेकिन यहां का अप्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व सदन में रहने की संभावना है।

