ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत भागलपुर सिविल कोर्ट राज्य के टॉप-5 जिला अदालतों में शुमार हो गया है। हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा व बांका में ई-कोर्ट शुरू होने के बाद अब भागलपुर में भी ई-कोर्ट सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है। हालांकि एक माह से टेस्ट के तौर पर ही ई-कोर्ट सिस्टम का कामकाज हो रहा है, बहुत जल्द एक बटन दबाने से ही मुकदमे का पूरा डिटेल प्राप्त हो जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डेट व स्टेटस की जानकारी शाम में ही एसएमएस से मिलेगी
कोर्ट का कामकाज ऑनलाइन होने के कारण अभी सभी कोर्ट में डेली जजमेंट आॅर्डर अपडेट हो रहा है। अदालती फैसले कंप्यूटराइज्ड टाइपिंग पर निकल रहे हैं। अगली तारीख की जानकारी भी तुरंत अपलोड हो रही है। ऑनलाइन कामकाज को बढ़ावा देने के लिए सभी कोर्ट द्वारा एडवोकेट और पक्षकारों के मोबाइल नंबर मांगे जा रहे हैं ताकि भविष्य में केस से संबंधित डेट व स्टेटस की जानकारी शाम में ही एसएमएस से वकीलों व पक्षकारों को मिल सकेगी।

एक बटन दबाने से ही मुकदमे का पूरा डिटेल प्राप्त हो जाएगा
पेंडिंग केस में वकीलों व पक्षकारों से मांगा जा रहा मोबाइल नंबर
ई-कोर्ट सिस्टम काे पूर्णरूपेण प्रभारी बनाने के लिए जिला जज ने तमाम वकीलों से पेंडिंग केस की जानकारी एसएमएस से देने के लिए भी मोबाइल नंबर देने को कहा है। इस बाबत सभी कोर्ट रूम के बाहर नोटिस भी चस्पा किया गया है। ई-कोर्ट मोड प्रोजेक्ट के तहत पिछले एक साल से भागलपुर में कंप्यूटर सिस्टम सेटिंग व इंटरनेट की व्यवस्था की गई है।
सेशन कोर्ट में लाइव जजमेंट की हो रही व्यवस्था : कोर्ट की गतिविधि पर निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाया गया है। जल्द ही सेशन कोर्ट में लाइव की भी व्यवस्था की जानी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए लाइव फैसला देने हेतु अब एलईडी स्क्रीन भी लगाया जाएगा। भागलपुर में ई-कोर्ट का काम पूरा होने के बाद नवगछिया व कहलगांव में भी काम शुरू हो सकेगा।

इस तरह करेगा काम
पक्षकारों को क्या फायदा –
यह भी जानें
पटना उच्च न्यायालय के बाद वैशाली जिले का व्यवहार न्यायालय बिहार का पहला सिविल कोर्ट है जहां ऑनलाइन सेवा शुरू की गयी है। इसके बाद मुजफ्फरपुर, नालंदा व बांका में भी ऑनलाइन सेवा की शुरुआत हो गई है।
