बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित दारोगा पीटी (प्रारंभिक लिखित परीक्षा) रद नहीं की जायेगी। आयोग ने पटना में संवाददाता सम्मेलन कर इसकी जानकारी दी। बीपीएसएससी के चेयरमैन ने कहा कि फेसबुक लिंक के आधार पर अभ्यर्थी अजीत कुमार और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। परीक्षा के दौरान ही पेपर बाहर भेजा गया था। परीक्षा रद नहीं की जायेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दारोगा भर्ती प्रश्नपत्र वायरल मामले में एफआइआर
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की जांच में पुलिस अवर निरीक्षक की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सही पाया गया है। मामले में आयोग ने गया के एक अभ्यर्थी समेत अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। आरोपित युवक व अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। आरोपित अभ्यर्थी फरार चल रहा है।

शनिवार को आरपीएस मोड़ स्थित कार्यालय परिसर में आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी अशोक कुमार प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कराई गई। सोशल मीडिया पर देर शाम तक प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट दिख रही थी। दो-तीन सेट वायरल थे।
जांच में पता चला कि जो पेपर वायरल था वह परीक्षा के दौरान लीक किया गया था। किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से परीक्षा कक्ष से पेपर बाहर भेजा गया होगा। वायरल प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट जांच के बाद पता चला कि गया के किसान इंटर कॉलेज प्रेतशिला सेंटर (कोड संख्या-1242) रॉल नंबर 3812420450 के अभ्यर्थी अजीत कुमार ने परीक्षा के दौरान पेपर लीक किया था।
अजीत गया के झरण सरेन धनसुरा का निवासी है। आयोग की ओर से अजीत कुमार व अन्य के विरुद्ध गया के चंदौपती थाना में प्रश्नपत्र लीक व वायरल संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया। कांड का अनुसंधान पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) सतीश कुमार द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा दो और सेट की जांच की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी।
उन्होंने बताया कि आयोग ने पहली बार केंद्रों की फोटोग्राफी कराई। अभ्यर्थियों को किसी भी तरह का इलेक्ट्रानिक गैजट नहीं ले जाने का निर्देश था। ऐसे में आरोपित छात्र कैसे परीक्षा तक इलेक्ट्रानिक गैजट लेकर पहुंचा, इसकी पड़ताल की जाएगी।
वंचितों को मिला मौका
उपचुनाव को लेकर परीक्षा से वंचित रहने वाले तीन जिले जहानाबाद भभुआ व अररिया के अभ्यर्थी 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उनके लिए परीक्षा की तिथि बाद में प्रकाशित की जाएगी। 11 मार्च को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से 1717 पद के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 4.28 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
बता दें कि पटना सहित बिहार अन्य जिला मुख्यालयों में बने 708 केंद्रों पर दारोगा बहाली की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। केंद्रों गहन तलाशी और विशेष सतर्कता के बावजूद सोशल मीडिया पर परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र वायरल हो गया था। अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र वायरल होने की जांच की मांग आयोग से की थी।
मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे 34,340 अभ्यर्थी
प्रारंभिक लिखित परीक्षा के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए 34,340 अभ्यर्थियों की मेधा सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग के अनुसार मुख्य परीक्षा में रिक्त पद 1717 के 20 गुना अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग के वरीय अधिकारियों के अनुसार आरक्षित पद के अनुसार मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए मेधा सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य परीक्षा की तिथि प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के साथ ही की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था प्रश्न पत्र परीक्षा प्रारंभ होने के डेढ़ घंटे बाद सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र वायरल रहा। फेसबुक पर भी प्रश्न पत्र अपलोड दिखा। जबकि परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट के साथ ही प्रश्न पत्र भी जमा ले लिए गए थे। आरा के किसी केंद्र से परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना आयोग मुख्यालय को भी कई अभ्यर्थियों ने दी थी।
