पहली से लेकर 12वीं तक मेन करीब 1.30 लाख शिक्षकों की मार्च तक नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के विद्यालयों में छात्र -शिक्षकों का अनुपात बेहतर होगा। शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल राज्य के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकन के मुताबिक छात्र-शिक्षक अनुपात 44:1 जबकि माध्यमिक -उच्च माध्यमिक में 70:1 है। नयी नियुक्तियों के बाद यह अनुपात सुधरकर क्रमश: 35:1 और 65: 1 हो जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रारंभिक शिक्षकों के नियोजन का पूर्व में घोषित कार्यक्रम के अनुसार सभी चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच कर 31 मार्च तक नियोजन पत्र दे देना है। माना जा रहा है कि अप्रैल से जब सरकारी विद्यालयों में नया सत्र आरंभ होगा तो ये शिक्षक अपना योगदान दे चुके होंगे।
एक लाख प्रारंभिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर पिछले वर्ष 25 जुलाई से प्रक्रिया आरंभ हुई है। वर्ष 2015 के बाद चार साल के अंतराल पर प्रारंभिक शिक्षकों की यह नियुक्ति हो रही है।

नियुक्ति की प्रक्रिया एक जुलाई से चल रही : वहीं राज्यभर में संचालित 5726 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी 30,020 पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया 1 जुलाई 2019 से ही चल रही है।
कई जिलों में बाढ़ और सुखाड़ को लेकर इसके कार्यक्रमोंमें भी बदलाव नहीं हुआ होता तो 29 नवम्बर को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट देना था। गत 17 दिसम्बर को जारी संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक 14 जनवरी तक मेधा सूची का अंतिम प्रकाशन होना है और 19 फरवरी को नगर निकाय व 20 फरवरी को जिला परिषद के लिए चयनित माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों को नियोजन पत्र दिया जाएगा। इनके अलावा माध्यमिक-उच्च माध्यमिक के लिए और 37440 पद चिह्नित हुए हैं। इन पदों पर नियुक्ति को 28 फरवरी को एसटीईटी लिया जाएगा।
सुधरेगा विद्यार्थियों और शिक्षक का अनुपात
पहली से लेकर 12वीं तक मेन करीब 1.30 लाख शिक्षकों की मार्च तक नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के विद्यालयों में छात्र -शिक्षकों का अनुपात बेहतर होगा। शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो फिलहाल राज्य के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकन के मुताबिक छात्र-शिक्षक अनुपात 44:1 जबकि माध्यमिक -उच्च माध्यमिक में 70:1 है। नयी नियुक्तियों के बाद यह अनुपात सुधरकर क्रमश: 35:1 और 65: 1 हो जाएगा।
