कोरोना पर नियंत्रण के लिए सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों के बाद शिक्षक नियोजन से जुड़े अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ी हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि कोविड की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों का असर छठे चरण के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक नियोजन की चल रही प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!12 हजार पदों के लिए होने वाली काउंसिलिंग अछूती रहेगी
उन्होंने कहा कि 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलने वाली छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटने में कोई तकनीकी बाधा नहीं होगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निर्धारित शेड्यूल पर काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र बांटने के प्रति प्रतिबद्ध है। कोरोना की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर फिलहाल शिक्षक नियोजन प्रक्रिया के अंतिम चक्र में प्रस्तावित 12 हजार पदों के लिए होनी वाली काउंसिलिंग अछूती रहेगी।

निर्धारित शेड्यूल के साथ काउंसिलिंग होगी
शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए निर्धारित शेड्यूल के साथ काउंसिलिंग होगी। सभी नियोजन इकाइयों को इस बारे में पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। चाहे वह काउंसिलिंग हो या चयनित अभ्यर्थियों के बीच नियोजन पत्र बांटना हो, इस पर कोविड से जुड़े प्रतिबंधात्मक कदमों का असर नहीं होगा।
बता दें, लगभग 11 सौ नियोजन इकाइयों में काउंसिलिंग होनी है। छठे चरण में प्राथमिक शिक्षक नियोजन की काउंसिलिंग 17 जनवरी से 28 जनवरी तक निर्धारित है। जिन अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है उनको नियोजन पत्र एक साथ कैंप लगा कर देने की तिथि 25 फरवरी पहले ही शिक्षा विभाग ने निर्धारित कर दी है।
कोविड नियंत्रित नहीं हुआ तो समय आने पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों के चयन की नियोजन प्रक्रिया 10 जनवरी से 18 फरवरी तक की जानी है। शिक्षक नियोजन के लिए नई नियोजन इकाइयों के गठन की प्रक्रिया जारी है। नए मुखिया, समितियों के सदस्यों और प्रमुखों को नियोजन का कार्य पूरा करना है।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अगर वर्तमान उपायों से कोविड पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो समय आने पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। यानी तिथि बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल नियोजन प्रक्रिया प्रतिबंधात्मक कदमों के कारण बाधित नहीं है।
