बिहार-नेपाल के संबंधों को बेटी-रोटी का संबंध कहा जाता है. इसको और भी प्रगाध बनाने के लिए भारत नेपाल के साथ करार करते हुए बिहार-नेपाल के बीच अब रेल मार्ग सेवा शुरू होगी. बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू के बीच जल्द ही रेल लाइन बिछाने का काम शुरू होगा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसके लिए शुक्रवार को भारत-नेपाल ने एक समझौते (एमओयू) के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए. बिमस्ट्क सम्मेलन के लिए काठमांडू गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बात हुई.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने और व्यापार को सुगम बनाने के लिए रेलवे लाइन बिछाने के प्रस्ताव पर समझौता किए. हालांकि, इस रेल लाइन के लिए अप्रैल में ही करार किया गया था. तब नेपाल के पीएम भारत दौरे पर आए थे.


गौरतलब है कि भारत-नेपाल के बेहतर संबंधों का असर सीधे तौर पर बिहार पर पड़ेगा. यहां के सिमावर्ती इलाकों के लोगों का नेपाल के साथ बेटी-रोटी का संबंध है. ऐसे में इस रेलवे लाइन से लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी. अभी सड़क मार्ग से ही नेपाल आते-जाते है.
