सर्वशिक्षा अभियान के तहत नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान को नियमित करने के इरादे से सरकार अलग मद (हेड) बनाएगी। शिक्षा विभाग ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के प्रस्ताव पर इस दिशा में पहल की है। संभावना है अलग हेड जल्द ही बना दिया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बता दें कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत नियोजित करीब ढ़ाई लाख शिक्षकों के वेतन का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार की सहभागिता से होता है। नियोजित शिक्षकों के वेतन के लिए केंद्र सरकार साठ फीसद राशि और राज्य सरकार चालीस फीसद देती है। विगत 2013-14 से केंद्र सरकार द्वारा समय पर सर्वशिक्षा मद की राशि नहीं मिल रही है और न ही स्वीकृत पूरी राशि ही मिल पाती है। इस वजह से शिक्षकों को नियमित तौर पर वेतन नहीं दिया जा पा रहा है।

समस्या को देखते हुए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रस्ताव दिया था कि नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान का अलग मद बना दिया जाए। जिसमें कुछ राशि सुरक्षित रखी जाए। यदि केंद्र समय पर पैसा जारी ना करे तो उस मद से भुगतान कर दिया जाए, बाद में राशि प्राप्त होने पर इसका सामंजन कर लिया जाए।
सूत्रों ने बताया प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग ने कवायद प्रारंभ कर दी है। यहां बता दें कि इस वर्ष केंद्र सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान मद में दस हजार पांच सौ करोड़ का बजट तो स्वीकृत किया परन्तु राज्य सरकार को अब तक महज 25 सौ करोड़ ही प्राप्त हुए हैं।
