नवगछिया : बिहपुर के बभनगामा दुर्गा मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महा अष्टमी के दिन मोहन नाट्य कला परिषद के तत्वावधान में तीन दिवसीय नाट्योत्सव का उद्घाटन नवगछिया के डीसीएलआर परमानंद साह ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर डीसीएलआर श्री साह ने कहा कि बभनगामा के युवकों का नाटक के प्रति उत्साह देख कर कहा कि उन्हें अपने पुराने दिनों की याद आ गयी. उन्होंने नाटक से जुड़े अपने खट्टे मीठे अनुभवों को भी दर्शकों के साथ साझा किया. उन्होंने का कि बभनगामा गांव में इस तरह का आयोजन हो रहा है यह प्रशंसनीय है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने कहा कि समाज मे बौद्धिकता का सृजन के लिये इस तरह के आयोजन काफी आवश्यक है. इस अवसर पर कई ग्रामीण वक्ताओं ने भी उद्घाटन समारोह को संबोधित किया. नाट्योत्सव के पहले दिन अर्थी और बारात नामक नाटक का मंचन किया गया. जिसमें दहेज प्रथा जैसी सामाजिक विसंगति पर नाटक के माध्यम से कुठाराघात किया गया. नाटक का निर्देशन वरिष्ठ कलाकार और अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश सिंह छाया ने किया. मंच संचालन रंजन मस्ताना और मोनू कुमार ने किया.

उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ कलाकार और सहायक निर्देशक निरंजन साह ने डीसीएलआर परमानंद साह को अंगवस्त्रम देकर संबोधित किया. डेजी प्रियदर्शनी ने स्वागत गान के माध्यम ने आगंतुक अतिथियों की वाहवाही बटोर लिया. समग्र रूप से इस आयोजन में पूजा कमेटी के अध्यक्ष सरपंच श्रवण गुप्ता, सचिव भोपाल मिश्र, गणेश प्रसाद राय, संजय सिंह, अरुण सिंह, अनिल सिंह, कुंदन सिंह, उपसरपंच सुनील राय, अमित पाल, अवधेश सिंह, उमेश पोद्दार, राजेश कुमार राजू, राहुल कुमार आदि समस्त ग्रामीणों की भागीदारी है.
