अब आयकर विभाग के लिए आंख-कान बनकर कर चोरों के खिलाफ गुप्त सूचना देने वाले भी मालामाल हो सकते हैं। आयकर विभाग ने ऐसे सूचनादाताओं के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही इनाम की राशि एक करोड़ रुपये तक कर दी है। इतना ही नहीं, विदेशों में छुपाए गए कालेधन की सूचना देने वाले पांच करोड़ तक इनाम कमा सकते हैं। आयकर विभाग इस तरह की सूचनाएं उपलब्ध कराने वालों का नाम और पता भी गुप्त रखेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आयकर विभाग ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही अपने ‘इनकम टैक्स इनफॉर्मेंट्स रिकॉर्ड स्कीम’ में बड़े बदलाव किए हैं। इस बदलाव के तहत भारत में कर चोरी करने वालों के संबंध में गोपनीय जानकारी देने वालों के लिए इनाम की राशि में बड़ी वृद्धि की गई है। इसके लिए अब अधिकतम 50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में एलान किया है कि बेनामी ट्रांजेक्शन इन्फॉर्मेंशन रिवार्ड स्कीम, 2018 के तहत कोई भी व्यक्ति बेनामी ट्रांजेक्शन और संपत्ति के बारे में विभाग को सूचना दे सकता है।
ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग बेनामी ट्रांजेक्शन (प्रोहिबिशन) एमेंडमेंट एक्ट, 2016 के तहत मुकदमा दर्ज करेगा। सीबीडीटी के अनुसार इस रिवार्ड स्कीम का मकसद लोगों को प्रोत्साहित करना है। ताकि बेनामी लेनदेन और संपत्ति के बारे में सूचनाएं साझा की जा सकें।
इस स्कीम के तहत न केवल भारत में रहने वाले लोग बल्कि विदेशों में रहने वाले भी बेनामी संपत्ति या विदेशों में छुपाए गए कालेधन की सूचना देकर इनाम की मोटी धनराशि प्राप्त कर सकते हैं। सीबीडीटी के नए प्रावधानों के तहत रिवार्ड स्कीम, 2018 के तहत यदि कोई व्यक्ति तय तरीकों से खास सूचना उपलब्ध कराता है तो उसे एक करोड़ रुपये तक का इनाम मिलेगा।
