पटना में अबतक की सबसे बड़ी डकैती का रिकार्ड टूटने वाला था। पंचवटी रत्नालय की तरह पटना के तीन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठनों की रेकी की गई थी। लाइनरों ने घटना को अंजाम देने के लिए बदमाशों को सही समय भी बता दिया था। इस बार कुख्यात पंकज शर्मा पटना पुलिस को चुनौती देने की तैयारी में था, लेकिन सिटी एसपी सेंट्रल की टीम ने घटना के पूर्व ही दो लाइनरों के साथ 11 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पंकज शर्मा पर 29 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसएसपी गरिमा मलिक ने इस बड़ी सफलता पर टीम में शामिल पदाधिकारियों को पुरस्कृत करने की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पटना के जमाल रोड स्थित टीवीएस की बड़ी एजेंसी और खगौल के एक बड़े सिगरेट के थोक व्यापारी के साथ एग्जीबिशन रोड स्थित बड़े प्रतिष्ठान की रेकी की गई थी। रेकी प्रतिष्ठनों पर काम करने वाले दो कर्मचारियों ने की थी और वही लाइनर की भूमिका में भी थे। भनक एसएसपी को लग गई, जिसके बाद सिटी एसपी सेंट्रल को टीम बनाकर लगाया गया। एसएसपी का दावा है कि पुलिस से थोड़ी चूक होती तो घटना हो जाती। सिटी एसपी विनय तिवारी ने टीम के साथ बेहतर काम करते हुए घटना को अंजाम देने की तैयारी में जुटे बदमाशों को पकड़ लिया। एसएसपी का कहना है कि करोड़ों की लूट की योजना थी। घटना का मास्टर माइंड पंकज शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि जमाल रोड तिराहे पर इकट्ठा होकर बदमाश घटना को अंजाम देने वाले थे।


डेढ़ माह पूर्व जेल से छुटा था
डेढ़ माह पूर्व बेऊर जेल से छूट कर आए कुख्यात पंकज शर्मा की निगरानी पुलिस नहीं कर पाई थी। इस बीच वह अपने नेटवर्क को फिर सक्रिय करने में लगा था। सूत्रों की मानें तो जेल में रहने के दौरान अपराधियों का बहुत पैसा खर्च हो जाता है और बाहर आते ही वह घटना की तैयारी में जुट जाते हैं। वैशाली के पंकज शर्मा को पटना पुलिस कई बार जेल भेज चुकी है, लेकिन जमानत पर आने के बाद उसकी निगरानी नहीं कर पाती है।

पंकज की पूरी फौज थी तैयार
पंकज शर्मा की पूरी फौज तैयार थी घटना को अंजाम देने को। विरेंद्र कुमार, विकास कुमार, दशरथ कुमार, चिंटू कुमार, आसिफ खान, बिनोद कुमार, राकेश कुमार, राहुल कुमार, राजकुमार और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। बदमाशों के पास से एक कार, तीन बाइक, दस मोबाइल के साथ हथियार बरामद किए गए हैं।
