बिहपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत शाहजादपुर पंचायत के अमरी विशनपुर घाट में नहाने के दौरान डूबे दो चचेरे भाइयों में जहां परिजनों ने खोजबीन के दौरान बीते सोमवार की दोपहर एक बजे करीब 25 घंटे में अमन कुमार भगत 16 (पिता स्वर्गीय दुर्गेश भगत ) को राघोपुर घाट के पास बरामद किया। वहीं अंकित कुमार भगत 17(पिता नंदू प्रसाद भगत) को मंगलवार दोपहर 12 बजे करीब 48 घंटे में खोज निकाला। अंकित के शव की खोज के लिए भी मंगलवार की सुबह उसके परिजन व नाथनगर गोलदार पट्टी के दर्जनों लोग अमरी विशनपुर घाट पहुंचे। परिजन गांव से दो नाव व स्थानीय नाविकों के साथ अंकित की खोज में निकले। दोपहर 12 बजे के करीब बूढ़ानाथ व बरारी घाट के बीच परिजनों ने अंकित के शव को खोज निकाला। शव काफी घंटे पानी में रहने की वजह से काफी फूल चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!परिजनों ने सहयोग नहीं करने का लगाया आरोप
नहाने के दौरान अमरी विशनपुर घाट में डूबे दो चचेरे भाई अमन व अंकित के शव को परिजनों द्वारा एक-एक दिन बाद बारी-बारी से खोजकर निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि दोनों भाइयों के शव को खोजने के लिए उन्हें किसी भी तरह से प्रशासनिक सहयोग नहीं मिला। परिजनों ने अपने स्तर से दोनों के शव को खोजकर निकाला।

राजा कुमार नामक परिजन ने बताया कि घटना के दिन न तो एसडीआरएफ की टीम दोनों भाइयों को खोजने पहुंची और न ही घटना के दूसरे दिन भी एसडीआरएफ अमन के शव की बरामदगी के लिए सहयोग के लिए आई। हालांकि अमन के शव की बरामदगी के दिन नाथनगर व नारायणपुर सीओ अमरी विशनपुर घाट पहुंचे थे । वहीं घटना के तीसरे दिन अंकित के शव की बरामदगी के लिए परिजनों द्वारा बार बार एसडीआरएफ की टीम को फोन लगाया गया। मगर पहुंचने का आश्वासन ही मिला। परिजनों ने अपने स्तर से नाव की व्यवस्था कर दोनों चचेरे भाइयों के शव को दो दिन में खोजकर निकाला।
अंकित के शव मिलते ही परिजन मारने लगें दहाड़
मंगलवार को बूढ़ानाथ व बरारी घाट के बीच परिजनों की खोजबीन में मिले अंकित की शव की पहचान के बाद वहां पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था ।वही शव मिलने की सूचना घर पहुंचते ही अंकित की मां संगीता देवी, पिता नंदू प्रसाद भगत,बहनंें व अन्य परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे ।
