नवगछिया : मधेपुरा और खगड़िया जिलों को जोड़ने वाला कोसी नदी पर बना पीपा पुल बुधवार से आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल मधेपुरा जिले के कपसिया गांव को खगड़िया जिले के बीरबास गांव से जोड़ता है। पुल के खुलने से कोसी नदी के दोनों किनारों पर बसे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं बिहार विधानसभा के उपसभापति नरेंद्र नारायण यादव बुधवार (28 जनवरी) को विधिवत रूप से इस पुल पर आवागमन का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के परियोजना अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि पुल के निर्माण कार्य के साथ-साथ सुरक्षा मानकों की भी पूरी जांच कर ली गई है।
करीब 500 मीटर लंबे इस पीपा पुल के चालू होने से मधेपुरा, खगड़िया और भागलपुर जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। अब लोगों को नदी पार करने के लिए नाव या लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाने की मजबूरी नहीं रहेगी। खासकर विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

परियोजना अभियंता ने बताया कि पुल पर वाहनों के आवागमन का ट्रायल पहले ही सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। प्रारंभिक चरण में अगले छह महीने तक केवल पांच टन तक वजन वाले वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है, ताकि पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
25 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पीपा पुल का उपयोग नियमित रखरखाव के साथ अगले पांच वर्षों तक किया जाएगा। बाढ़ के समय भी यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा। स्थानीय लोगों ने पुल के निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पुल के शुरू होने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। कोसी क्षेत्र के लिए यह पीपा पुल आवागमन के साथ-साथ विकास की नई राह खोलेगा।
