नवगछिया : हत्यारों ने कहा-लड़कियों से गलत धंधा कराती थी महिला, इसलिए कर दी हत्या

कदवा

कदवा थान क्षेत्र के बोड़वा गांव निवासी त्रिवेणी ऋषिदेव की 45 वर्षीया पत्नी शोभा देवी की हत्या मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधियों में रंगरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर वैसी निवासी निरंजन ऋषिदेव, बोड़वा निवासी अरुण ऋषिदेव, बेचन ऋषिदेव और रतन ऋषिदेव शामिल हैं। चारों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में हत्यारों ने बताया कि शोभा देवी गांव और आसपास की कम उम्र की बच्चियों को बहला-फुसलाकर गलत धंधा कराती थी, इसलिए हमने उसकी हत्या कर दी।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

एसडीपीओ दिलीप कुमार ने प्रेस र्वाता में बताया कि हत्याकांड के खुलासा के लिए टीम का गठन किया गया था। टीम में कदवा थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार, दरोगा संजय कुमार, नदी थानाध्यक्ष सतीश कुमार, रंगरा थानाध्यक्ष महताब खां, ढोलबज्जा थानाध्यक्ष लक्ष्मण राम शामिल थे। पुलिस टीम ने 48 घंटे में हत्या का खुलासा करते हुए चार अपराधियों को दबोच लिया। चारों अपराधियों के विरुद्ध कई तकनीकी साक्ष्य पुलिस के पास हैं। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। महिला की हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई है। वह ह्यूमन ट्रैपिंग कार्य मे लिप्त थी। उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराध है। सभी अपराधियों को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाई जाएगी। इसमें और जो भी लोग शामिल हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

12 अप्रैल को हत्या के बाद शव बांस की झाड़ी में फेंक दिया था

12 अप्रैल को कदवा ओपी के बोड़वा गांव में शोभा देवी की हत्या कर अपराधियों ने शव को घर से 200 मीटर की दूरी पर बांस की झाड़ी में फेंक दिया था। अपराधियों ने महिला को रात करीब दो बजे फोन कर बुलाया था और फिर उसकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। सुबह ग्रामीणों ने शव देखने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इस मामले में परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

रंगरा से गिरफ्तार निरंजन ऋषिदेव ने फोन कर बुलाया था, फिर चारों ने गला रेत कर दी थी हत्या

एसडीपीओ ने बताया कि इस हत्याकांड में सबसे पहले रंगरा के जहांगीरपुर वैसी निवासी निरंजन ऋषिदेव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद उसी की निशानदेही पर बोड़वा के अरुण ऋषिदेव, रतन ऋषिदेव और बेचन ऋषिदेव को गिरफ्तार किया गया। एसडीपीओ ने कहा कि निरंजन ऋषिदेव का ससुराल बोड़वा में है। घटना के दिन निरंजन ऋषिदेव ने ही फोन कर महिला को बुलाया था। महिला को बुलाने के बाद सभी ने मिलकर उसकी हत्या करने के बाद शव को बांस की झाड़ी में फेंक दिया था। उन्होंने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद निरंजन ऋषिदेव अपने घर चला आया था। जबकि शेष तीन अपराधी बोड़वा गांव में छिपकर रह रहे थे।