नवगछिया: इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर बने स्पर संख्या-9 में रविवार की रात्रि करीब आठ बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद भीषण कटाव शुरू हो गया। करीब 70 से 75 मीटर क्षेत्र में तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे जल संसाधन विभाग में हड़कंप मच गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बताया गया कि एभरग्रीन कंपनी के माध्यम से जल संसाधन विभाग द्वारा स्पर संख्या-9 पर छह करोड़ से अधिक की लागत से 145 मीटर लंबी बोल्डर क्रेटिंग कर कटाव निरोधी कार्य कराया गया था। यह कार्य 30 जून तक पूर्ण हुआ था, लेकिन मात्र 27 दिनों में ही यह ढह गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कटाव निरोधी कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई है। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान विभाग की क्वालिटी कंट्रोल और उड़नदस्ता टीम ने सिर्फ औपचारिक जांच कर खानापूर्ति की, जिससे ठेकेदारों को मनमानी करने का मौका मिला।

कटाव की जानकारी मिलते ही कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन फ्लड फायटिंग कार्य की गति बेहद धीमी रही। मौके पर एक मात्र ठेकेदार के मजदूर ही बांस और बालू भरी बोरियां डालते नजर आए, जो “ऊंट के मुंह में जीरा” वाली स्थिति को दर्शा रहा था। जबकि विभाग में 33 ठेकेदार फ्लड फायटिंग कार्य हेतु निबंधित हैं और सभी को बोरियां उपलब्ध कराई गई हैं।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अनवर जमील ने मौके पर बताया कि जल्द ही फ्लड फायटिंग कार्य को तेज गति से शुरू कराया गया है । गंगा का जलस्तर अगले 24 घंटे में 17 सेंटीमीटर घटा है जिसके कारण कटा हुआ है मौके पर बंबू रोल और एनसी बाग डालकर बचाव कार्य किया जा रहा है।
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