नवगछिया । बिहार सरकार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्रा ने शुक्रवार को नवगछिया के विभिन्न शिक्षण संस्थानों व एनजीओ द्वारा संचालित प्रखंडस्तरीय रसोई घर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आदर्श मध्य विद्यालय के परिसर में पत्रकारों को बताया कि एनजीओ द्वारा संचालित रसोई घर की कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में खाना बनाकर ठंडा कर स्कूलों में भेजने का निर्देश दिया गया है। आदर्श मध्य विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था के खिलाफ प्रधानाध्यापक को उन्होंने कड़ी फटकार लगायी। शौचालयों में गंदगी देख उन्होंने मौके पर मौजूद डीपीओ को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुराने कमरे की मरम्मत कराने अथवा उसको तोड़कर उस ईंट से चारदीवारी बनाने का निर्देश दिया। साथ ही स्कूल परिसर को समतल करने को कहा।
उन्होंने सातवीं कक्षा के छात्रों से किताब पढ़वाया, लेकिन छात्र किताब नहीं पढ़ सके। तीसरी कक्षा के छात्रों ने पूछे गये सवालों का जवाब दिया। जिसका उन्होंने ताली बजाकर हौसला अफजाई की। उन्होंने प्रधानाध्यापक को पठन पाठन में सुधार करने व दिये गये निर्देशों का दस दिनों में पूरा करने को कहा।

कस्तूरबा विद्यालय की स्थिति संतोषजनक नहीं
विद्यालय परिसर में संचालित कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण के बाद कहा कि विद्याल की स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती है। विद्यालय के समय कस्तूरबा की अधिकांश छात्राएं छात्रावास में देखे जाने पर उन्होंने वार्डन से जानकारी ली और छात्राओं को विद्यालय के बाद छात्रावास में पढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने दस दिनों के अंदर व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया। मौके पर डीपीओ विजय आनंद सहित सभी शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे। शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्रा के औचक निरीक्षण से हडकंप मच गया।
