घटना के विरोध में अौर छात्रा को श्रद्धांजलि देने के िलए मंगलवार को सोनापट्टी की सारी सर्राफा दुकानें बंद रही। स्वर्णकारों ने शोकसभा अायोजित कर मृत अात्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। छात्रा के शव पहुंचने अौर उसके अंतिम संस्कार को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। नवगछिया से ही छात्रा के शव वाहन को पुलिस एस्कॉर्ट करते हुए अलीगंज लाई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसके बाद शव वाहन को पुलिस एस्कॉर्ट करते हुए अलीगंज से बरारी श्मशान घाट ले गई। श्मशान घाट में भी सुरक्षा के इंतजाम किये गये थे। हर चौक-चौराहे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह न फैले, इसपर नजर रखी गई थी। जब तक छात्रा का अंतिम संस्कार नहीं हो गया अौर परिजन वापस घर नहीं लौट गए, तब तक पुलिस वहां तैनात रही। पुलिस को अंदेशा था कि शव पहुंचने के बाद शहर का माहौल बिगड़ सकता है।

छात्रा की मौत के बाद अारोपी प्रिंस के परिजन हुए भूमिगत
भागलपुर | एसिड पीड़िता छात्रा की मौत के बाद अारोपी प्रिंस के परिजन घर बंद कर भूमिगत हो गए हैं। प्रिंस की मां, भाई अौर नानी अपने किसी रिश्तेदार के यहां चली गई है, एेसा कहा जा रहा है। उसके पिता पहले से ही नवगछिया में रहते हैं। वारदात के बाद प्रिंस के परिजन अपने घर में बहुत ही कम रह रहे थे। लेकिन जब छात्रा की मौत हो गई तब उन लोग ने घर अाना बिल्कुल बंद कर दिया।
छात्रा अौर अारोपी प्रिंस का घर सटा हुअा है। चारों मनचले प्रिंस के घर की छत के रास्ते ही छात्रा के घर में घुसे थे। प्रिंस अौर उसके दोस्त मोहल्ले में अड्डेबाजी करते हैं अौर गांजा पीते थे। छात्रा को देख गंद्दे कमेंट भी करते थे। प्रिंस की मां अलीगंज चौक पर स्टेशनरी की दुकान चलाती है अौर वहीं पास में छात्रा के पिता की सोने-चांदी की दुकान भी है।

प्रिंस के जेल जाने के बाद मोहल्ले के लोगों ने उसके परिवारवालों से बातचीत बंद कर िदया था। प्रिंस को परिजन अनहोनी की अाशंका को भांपते हुए घर बंद कर रिश्तेदार के यहां चले गए। बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रिंस की फोटो कुछ लोगों ने वायरल उसे ही मुख्य अारोपी बना दिया था। इस कारण प्रिंस का भाई, मां अौर अन्य परिजन डरे-सहमे हुए हैं। छात्रा के छोटे चाचा ने बताया कि प्रिंस के परिजनों ने घर के पीछे एक अौर दरवाजा भी खोल लिया है।
